अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत बृहस्पतिवार को ‘आत्म रक्षा प्रशिक्षण शिविर’ हाफिज सिद्दीकी नेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ। शिविर में मार्शल आर्ट की कराटे एक्सपर्ट पिंकी रायकवार और पूनम गौतम ने छात्राओं का साहस बढ़ाते हुए मुश्किलों का सामना करने का तरीका बताया।
पिंकी रायकवार ने छात्राओं को बताया कि छेड़छाड़ जैसे मामलों में अक्सर ‘डर’ अराजक तत्वों के हौसले को बढ़ा देता है। यदि इन तत्वों का डटकर सामना किया जाए तो वह दोबारा हिमाकत नहीं करेगा। छेड़छाड़ की शुरूआत हाथ से होती है। कोई भी मनचला यदि आपका हाथ पकड़ता है तो अपने हाथों के बल का प्रयोग करें। उन्होंने मनचलों से हाथ छुड़ाने, पंच, घुटना या फिर कोहनी से जोरदार मुंह और सीने पर वार करने का तरीका बताया। वहीं, दोनों हाथ, गला या पीछे से पकड़ लेने की स्थिति में खुद को हिम्मत के साथ कैसे आजाद कराना है, उसके बारे में भी जानकारी दी। इसके लिए मार्शल आर्ट की कला के गुर सिखाए गए।
वहीं पूनम गौतम ने छात्राओं को बताया कि यदि उनके पास हेयर क्लिप, चाबी, पेन, कॉपी आदि हैं तो वह इनका उपयोग कर कैसे खुद को आजाद कर सकती हैं। कुछ भी हाथ में न होने पर आंखों में मिट्टी डालकर वहां से तेजी से भाग कर खुद की रक्षा करने या फिर दुपट्टे में पत्थर बांधकर उसे चारों ओर घुमाकर भी बचाव किया जा सकता है।
कार्यशाला में छात्राओं को जागरूक किया गया कि घर से स्कूल, कोचिंग या अन्य स्थान पर जाते वक्त कोई लगातार आपका पीछा कर रहा तो इसको नजरअंदाज नहीं करें। इसे छिपाने के बजाय अपने परिवार के नजदीकी सदस्यों से साझा करें। इस दौरान कई छात्राओं ने उत्सुकता के साथ आत्मरक्षा से संबंधित सवाल पूछे जिसका जवाब उन्हें डेमो के साथ दिया गया। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य उस्मान खान, प्रधानाचार्या नाजरा बानो व शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
बोलीं छात्राएं
आत्मविश्वास बढ़ा
कार्यशाला में मार्शल आर्ट के जरिये खुद को बचाने के तरीके सीखने से आत्मविश्वास को बढ़ावा मिला है। अब किसी भी परिस्थिति में आत्मरक्षा कर सकती हूं।
मंदसा, 12वीं छात्रा
हौसला बढ़ा
कार्यशाला में बुरे वक्त में खुद की रक्षा करने का तरीका बताया गया। इससे हमारे अंदर हौसला बढ़ा है। अब किसी भी चुनौती का बगैर घबराए सामना करने में सक्षम हूं।
साहिबा, 12वीं छात्रा
डर दूर हुआ
घर से स्कूल आते या जाते वक्त अंदर एक डर बना रहता था। वह डर आज जाकर दूर हुआ है। साहस और सूझबूझ के साथ अब मैं अपना बचाव अब कर सकती हूं।
शिफा खान, 12वीं छात्रा
सचेत रहेंगे
कार्यशाला में आत्मरक्षा के साथ ही सचेत रहने की जो जानकारी दी गई। उसके बाद से आते और जाते वक्त एलर्ट रहेंगे। समस्या होने पर अपने परिजनों से साझा करेंगे।
सिमरन पाठक, 11वीं छात्रा