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सालों से नहीं हुई महानगर के कई नालों की सफाई

Mon, 08 May 2017 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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pond, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। शहर में सफाई को और बेहतर बनाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं, लेकिन नालों की सफाई की ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। महानगर के कई नालों की तो सालों से सफाई नहीं हुई है। यही कारण है कि तालपुरा में एक साल पहले टूटी नाले की दीवार अब तक नहीं बनाई जा सकी है। मेहंदी बाग के नाले में साढ़े चार फीट सिल्ट जमा है। इस कारण बारिश में पानी उफनाकर लोगों के घरों में घुसता है।
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बरसात से पहले नाले साफ हो जाएं, इसलिए उनकी सफाई का काम चल रहा है। शहर में एक मीटर चौड़ाई से कम 162 नालों की सफाई के लिए सौ सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। वहीं, 42 बड़े नालों (एक मीटर से अधिक चौड़े) की सफाई के लिए 75 कर्मचारी लगाए गए हैं। नालों की सफाई का काम 15 अप्रैल से शुरू हुआ था और 15 जून तक मानसून आने से पहले पूरा होना है। सफाई भले ही चल रही हो, नालों की बुनियादी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पार्षद आनंद साहू ने बताया कि वार्ड नंबर 08 और 12 के बीच से निकले नाले की एक तरफ की दीवार पिछली बरसात में ढह गई थी। नगर निगम में इसकी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। पिछले दिनों एक दिन हुई बरसात के कारण नाले का पानी पास में एक सब्जी के खेत में घुस गया था, जिससे उसकी टमाटर की फसल नष्ट हो गई थी। इसके बाद फिर से उन्होंने नाला निर्माण कराने की शिकायत की, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है।
इसी तरह से मेहंदी बाग का नाला हर साल बरसात में मुहल्ले में जलभराव का कारण बनता है। आंतियाताल से अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए करीब 25 साल पहले छोटा नाला बनाया गया था, लेकिन आसपास कालोनी में मकानों की संख्या बढ़ गई। इस कारण अब वहां पर बरसात में हर बार जलभराव होता है। स्थिति यह बनती है कि ज्यादातर घरों में नाले का पानी भर जाता है। मुहल्लेवासी समस्या को लेकर नगर निगम आते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जाता है।
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मोहल्ला तलैयापुरा में भी बरसात में जलभराव होता है। मिनर्वा चौराहा के पास से निकले नाले के ऊपर अतिक्रमण होने के कारण इसकी सफाई नहीं हो पाती है। यह शहर का निचला क्षेत्र होने के कारण यहां पर जलभराव होता है। पिछले साल जलभराव के कारण पुलिया तोड़नी पड़ी थी, लेकिन समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
सीपरी बाजार स्थित प्रेमगंज में भी पहाड़ी क्षेत्र के इर्दगिर्द जलभराव की समस्या हो जाती है। यहां पर नाले का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन बालू की कमी के कारण करीब दो माह से काम बंद चल रहा है। यदि बालू मिलनी शुरू हो जाए तो नाले को बरसात तक पूरा किया जा सकता है। यदि बरसात तक नाले का काम पूरा नहीं हुआ तो मुहल्ले वालों को मुसीबत झेलनी पड़ सकती है।
वार्ड नंबर 09 खुशीपुरा के पार्षद सुरेश चंद्र गोपी ने बताया कि मुहल्ले की मस्जिद और नगरिया कालोनी में बरसात के सीजन में जलभराव की समस्या होती है। पूरे क्षेत्र में पानी भर जाता है। यहां तक कि घरों में भी पानी भर जाता है। उन्होंने कहा कि यदि बरसात से पहले नालों की सफाई हो जाएगी तो समस्या नहीं होगी। यदि समय पर सफाई नहीं हो पाई व बरसात हुई तो जलभराव से मुहल्लेवासियों का नुकसान हो जाएगा। जलभराव होने से किसी का फ्रिज खराब हो जाता तो किसी के घर में अन्य सामान खराब हो जाता है। नगर आयुक्त से मांग की गई है कि नालों की सफाई जल्द करा दें, ताकि दिक्कत न हो।

ये हैं मेहंदी बाग नाले की समस्या
नाले की गहराई पांच फीट है, लेकिन इसमें चार से साढ़े चार फिट तक सिल्ट जमा है। इस कारण पानी नहीं निकल पाता है। छह इंच जगह में से धीरे-धीरे पानी की निकासी होती है। नाले के ऊपर कई स्थानों पर अतिक्रमण है। कहीं पर नाला आठ फीट तक चौड़ा है तो कहीं पर वही नाला दो से तीन फीट तक चौड़ा रह गया है। नालो दो स्थानों पर नब्बे डिग्री पर मुड़ता है। पानी जिस रफ्तार से आता है, यहां पर उसकी गति पर ब्रेक लग जाता है। इस नाले में मुन्नालाल पावर हाउस का पानी आता है, लेकिन इस पानी में ट्रांसफार्मर का तेल भी बहता है।

सीपरी बाजार में भी दिक्कत
सीपरी बाजार के आर्यकन्या कॉलेज चौराहा के पास से निकला नाला कचरे से भरा पड़ा है। पिछले दिनों पानी बरसने से इस नाले के आसपास के मकानों में पानी भर गया था। नाले की सफाई न होने के कारण यह स्थिति बनती है। इसके अलावा ताज कंपाउंड का नाला भी गंदगी से बजबजा रहा है। इस मुहल्ले में पानी की निकासी के  लिए नाले की सफाई होनी जरूरी है। पूर्व में इस नाले की सफाई के नाम पर खानापूर्ति हो गई थी, जिससे नाला साफ नहीं हो सका था।


मेहंदी बाग में आज से काम शुरू होगा
मेंहदी बाग में नाले का निरीक्षण किया था। वहां सबसे बड़ी समस्या नाले का 90 डिग्री पर मुड़ जाना है। इसे दूर करने के लिए जगह देखी जाएगी और नाले को घुमावदार बनाया जाएगा। नाले पर अतिक्रमण कारियों को नोटिस दिए जाएंगे। सोमवार से सफाई का काम शुरू हो जाएगा।
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- एके शर्मा
अधिशासी अभियंता
नगर निगम
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