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सड़क पर सुविधा न इंतजाम, काटे जा रहे चालान

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झांसी। शहर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं, इलाइट को छोड़कर अन्य किसी चौराहा पर सिग्नल लाइट नहीं है और न ही पुलिस की ओर से यातायात नियंत्रण के कोई उपाय किए जाते हैं। सड़कों पर जगह-जगह छुट्टा जानवरों के झुंड जमा रहते हैं। बावजूद पुलिस धड़ाधड़ लोगों के चालान काट रही है।
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महानगर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह धड़ाम है। सभी चौराहों से लेकर सड़कों पर कोई इंतजाम नहीं हैं। शहर में कहीं भी पार्किंग के इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में वाहन सड़कों पर ही खड़े होने से जाम की स्थिति बनी रहती है। जीवनशाह तिराहा पर सड़क पर वाहन खड़े होने से हादसे होते हैं। इलाइट चौराहा पर सिग्नल लाइट खराब है। ऐसे में हर समय लोग वाहन से निकलते रहते हैं। कई बार आमने-सामने वाहन आने से दुर्घटनाएं प्रतिदिन होती हैं।
पुलिस बिना हेलमेट से लेकर तेज रफ्तार, क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, वजन लादने समेत ओवर स्पीड, वाहन के अभिलेखों में कमी आदि पर खूब जुर्माना वसूल रही है, लेकिन इंतजाम कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।
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जुर्माना वसूलने के साथ-साथ सुविधाएं भी तो बढ़ाई जाएं। शहर में पार्किंग के इंतजाम हैं नहीं। यातायात नियंत्रण के उपायों का भी अभाव है।
आनंद साहू, पूर्व पार्षद
शहर में पार्किंग की जरूरत है, लेकिन इसके प्रयास कोई भी नहीं कर रहा है। ऐसे में दुर्घटनाएं भी खूब हो रही हैं। कोई भी ध्यान देने वाला नहीं है।
शकील अहमद, स्थानीय निवासी
खुशीपुरा व तालपुरा तिराहा के पास बने कट लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। वाहनों की गति भी निर्धारित न होने से लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।
दीनदयाल कुशवाहा, स्थानीय निवासी
सड़कों पर कोई इंतजाम नहीं है। अब तो सड़क किनारे वाहन खड़े होने लगे हैं। इनके चालान कोई भी नहीं काटता है। इससे दुर्घटनाएं हो रही हैं।
राजबिहारी राय, पूर्व पार्षद
कानपुर रोड पर दिन भर वाहन तेज गति से भागते हैं। इनके चालान कोई भी नहीं काटता है। इससे हादसे का डर हर समय बना रहता है।
आदराम, स्थानीय निवासी
महानगर के सभी मुख्य चौराहों पर सिग्नल लाइटें लगाई जाएं, ताकि हादसे रुक सकें। चालान तो पुलिस काट रही है व्यवस्थाएं भी बनाए।
विजय कुशवाहा, स्थानीय निवासी
सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों के चालान होना चाहिए। इससे जाम की समस्या खत्म हो सके। महानगर में पार्किंग की व्यवस्था जरूर हो।
अमित परिहार, स्थानीय निवासी
तेज रफ्तार भागने वाले वाहन चालकों पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। इसके चलते महानगर में घटनाओं में तेजी से इजाफा हुआ है।
रविंद्र साहू, स्थानीय निवासी
ये वसूला जा रहा जुर्माना
- सीट बेल्ट न पहनने पर जुर्माना : एक हजार रुपये
- हेलमेट नहीं पहनने पर : एक हजार रुपये
- बिना लाइसेंस के : ढ़ाई हजार रुपये
- ओवरस्पीड पर - पांच हजार
- शराब पीकर वाहन चलाने : पांच हजार
- वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर : एक हजार रुपये
- बगैर इंश्योरेंस वाहन चलाने पर : पांच हजार रुपये
यातायात नियमों का पालन करना सीधे तौर पर लोगों की जीवन की रक्षा से जुड़ा हुआ है। लोग नियमानुसार वाहन का प्रयोग करें, उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। इससे यातायात भी सुगम होगा और सभी को सुविधा मिलेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के ही पुलिस चालान काटती है।
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विवेक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी
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