स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में एमसीडीएस पर रिपोर्ट अपडेट करने की स्थिति बदतर मिलने पर जिलाधिकारी ने सभी ब्लाकों के एमओआईसी को सख्त चेतावनी दी है। डीएम ने सभी को दस दिनों में रिपोर्ट अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
मदर एंड चाइल्ट ट्रेकिंग सिस्टम (एमसीडीएस) नामक सॉफ्टवेयर में गर्भवती महिलाएं एवं दो वर्ष तक के बच्चों की फीडिंग करानी होती है। जनपद के करीब-करीब सभी ब्लाकों के एमओआईसी इसमें पिछड़े हुए हैं। सोमवार को विकास भवन में आयोजित बैठक में जब डीएम के सामने इसकी पोल खुली तो उन्होंने सभी ब्लॉकों के एमओआईसी को 10 दिनों में शत-प्रतिशत रिपोर्ट अपडेट करने की चेतावनी दे डाली। डीएम ने कहा कि एएनएम को गांव-गांव भेजकर सर्वे कराया जाए। पता लगाया जाए कि गांवों में कितनी डिलीवरी हो रही हैं। मंगलवार को सभी नोडल अधिकारी भी ब्लाकों में जाकर व्यवस्था दुरुस्त कराएं। बताया गया कि डीएम भी मऊरानीपुर ब्लाक जा सकते हैं। अगली बैठक 29 जून को बुलाई गई है। इस दौरान जो-जो ब्लाक एमसीडीएस पर रिपोर्ट अपडेट करने में पिछड़े मिलेंगे उनके एमओआईसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव, डीपीएम ऋषिराज सिंह, डीपीओ प्रशांत वर्मा आदि मौजूद रहे।
डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस
झांसी। काम में लापरवाही पर डॉ. आरएस वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डॉ. वर्मा को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब देना होगा। बताया गया कि बैठक में डॉक्टर डीएम के कई सवालों का जवाब नहीं दे पाए। वह जिसके नोडल अधिकारी हैं, समीक्षा में वह ब्लाक काफी पिछड़ा मिला। इसी पर उन्हें नोटिस दिया गया है।