नगर निगम प्रशासन की अनदेखी के चलते सड़क की पटरियों पर ईंट, बालू का
व्यवसाय धड़ल्ले से जारी है। बगैर टैक्स दिए व्यापारियों द्वारा प्रतिदिन
लाखों रुपये का व्यापार किया जा रहा है। इससे नगर निगम को राजस्व की क्षति
हो रही है। साथ ही रोजाना लग रहे जाम से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
शहर में मंडी रोड, फिल्टर रोड समेत कई जगह फुटपाथ पर गिट्टी, बालू व ईंट का धंधा व्यापारियों द्वारा बिना रोक-टोक किया जा रहा है। सड़क के किनारे भवन निर्माण सामग्री फैली होने से नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। सामग्री लाने व ले जाने वाले ट्रैक्टर व ट्रक जहां-तहां खडे़ करने से आए दिन मंडी रोड आदि पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे राहगीरों की मुसीबत बढ़ गई है। नगर निगम प्रशासन सब कुछ जानने के बाद भी आंखें बंद किए है। हालांकि लोगों की शिकायत पर दो माह पहले प्रशासन के निर्देश पर नगर निगम अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। इससे व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति बनी थी। व्यापार बाधित होने से ईट, बालू एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जगह उपलब्ध कराने की मांग को लेकर नगर निगम दफ्तर की दौड़ लगानी शुरू की थी। लेकिन अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से व्यापारियों ने मनमाने तरीके से सड़क की पटरियों पर दोबारा व्यवसाय शुरू कर लिया है।
अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह ने बताया कि फुटपाथ पर किसी भी व्यापारी को व्यवसाय नहीं करने दिया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।
जगह देने का प्रस्ताव सदन में हो चुका है पास
झांसी। फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सदन की बैठक में पार्षदों ने ईंट, बालू व गिट्टी व्यापारियों को व्यापार करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया था। ताकि वह फुटपाथ पर व्यापार न कर सकें। इससे नगर निगम को राजस्व की प्राप्ति होगी। लेकिन, अभी तक जमीन आवंटन करने और कराने में न तो नगर निगम प्रशासन ने रुचि ली और न ही व्यापारियों ने।