फर्जी छात्रांकन का खेल अब और नहीं
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सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में फर्जी छात्रांकन का खेल अब नहीं चल पाएगा। केंद्र सरकार ने इस पर अंकुश लगाने के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत जनपद से अब तक चार लाख से अधिक विद्यार्थियों का शैक्षिक ब्योरा वेबसाइट से लिंक कर दिया गया है।
केंद्र व राज्य सरकार छात्रांकन के अनुसार मध्याह्न भोजन, ड्रेस और पुस्तक वितरण समेत विभिन्न योजनाओं की धनराशि स्कूलों में भेजती है। लेकिन कई मौकों पर शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण में विद्यार्थियों की नामांकन संख्या फर्जी मिली। पता चला कि जिम्मेदार लोग खेल कर इस राशि का दुरुपयोग कर रहे हैं। छात्रांकन में बरती जा रही अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र ने अक्तूबर 2016 में चाइल्ड ट्रैकिंग को अजमाया। ताकि पता चल सके कि कौन बच्चा कहां पढ़ रहा है। इसमें विद्यार्थियों का पूरा शैक्षिक विवरण व उनके आधार कार्ड केंद्र के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट www.student.udise.in से लिंक कराए गए।
बेसिक शिक्षा विभाग के मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम इंचार्ज संजीव मेहरा ने बताया कि बच्चों की संख्या जांचने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। जनपद में अब तक कक्षा एक से 12 तक के 4,39,341 विद्यार्थियों का ब्योरा वेबसाइट से जोड़ा जा चुका है।