जनपद के सरकारी स्कूलों में मंगलवार से मध्यान्ह्न भोजन नहीं बनेगा। शासन ने गर्मियों की छुट्टियों में भी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना संचालित की थी। लेकिन नौ दिनों में छात्रांकन संख्या न्यूनतम दस प्रतिशत रहने से इस पर रोक लगा दी गई है। डीएम ने इस संबंध में बीएसए को निर्देश दिए हैं।
एनआईसी में आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में बेसिक शिक्षा सचिव ने प्रदेश के समस्त सूखाग्रस्त जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों एवं शिक्षा अधिकारियों से विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन की स्थिति जानी। बच्चों की संख्या कम रहने की रिपोर्ट पाकर उन्होंने न्यूनतम छात्र संख्या वाले जिलों में मध्यान्ह्न भोजन योजना को बंद करने के निर्देश दिए। बता दें कि गर्मियों की छुट्टियों में भी बच्चों को मध्यान्ह्न भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना को संचालित करने का निर्देश शासन द्वारा दिया गया था। निर्देश के विरोध में कई शिक्षक संगठनों ने व्यापक स्तर पर धरना-प्रदर्शन भी किए थे।
प्रभारी बीएसए डॉ. आदर्श कुमार त्रिपाठी एवं मध्याह्न भोजन योजना के जिला समन्वयक राज बहादुर ने बताया कि मध्याह्न भोजन की स्थिति को लेकर विभाग द्वारा रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी गई थी। इसमें विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम होने एवं मौसम की तल्खी का जिक्र किया गया था। शासन के निर्देश के पर डीएम ने योजना को रोकने को कहा है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीडीओ संजय कुमार, बीएसए एवं मध्यान्ह्न भोजन योजना के जिला कोआर्डिनेटर सहित कई शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।