झांसी। सुनकर आश्चर्य जरूर होगा, लेकिन यह सच है। रविवार का दिन पुलिस के लिए इतिहास बना। जिले के किसी भी थाने पर एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। कोई भी फरियाद अपनी फरियाद व तहरीर लेकर थाने नहीं पहुंचा। थानाें पर छाया सन्नाटा भी गवाही देता रहा।
अमूमन प्रतिदिन थानों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए फरियादियों की भीड़ लगी रहती है। यह नजारा प्रतिदिन थानों पर देखने को मिलता है। लेकिन, रविवार को जनता कर्फ्यू वाले दिन थानोें की स्थिति बदली-बदली नजर आई। जिले के किसी भी थाने पर कोई भी फरियादी नहीं पहुंचा। थानों पर बैठे इंस्पेक्टर से लेकर मुंशी भी राह देखते रहे। अमूमन जिले में मारपीट से लेकर छेड़खानी, हादसा, दुर्घटना से लेकर अन्य आपराधिक घटनाएं होती हैं, लेकिन रविवार को एक भी आपराधिक घटना तक नहीं हुई। थानों के मुंशी जीडी (जनरल डायरी) में चौबीस घंटे गतिविधियों का ब्यौरा लिखते रहे। किसी की आमद से लेकर रवानगी व अन्य थानों के काम का उल्लेख तो किया गया, लेकिन मुकदमा किसी एक का भी दर्ज नहीं हुआ।
तहरीर आने या फिर कोई हादसा या दुर्घटना होने पर पुलिस एफआईआर दर्ज करती है। रविवार देर शाम किसी भी तरह की शिकायत न आने के चलते कोई भी एफआईआर नहीं लिखी गई। जीडी में अन्य जानकारियां जरूर दर्ज की गईं।
राहुल मिठास, एसपी