कानपुर के व्यापारी व परिजनों का नहीं लगा सुराग
झांसी। कानपुर से कार में सवार होकर इलाहाबाद को निकले लापता परिजनों का सोमवार को भी पता नहीं चल सका। पुलिस ने दतिया व डबरा में डेरा डालकर पड़ताल की। इसके लिए मध्य प्रदेश पुलिस का भी सहयोग लिया गया। दंपती के मोबाइल नंबरों को भी ट्रेस किया जा रहा है कि 12 तारीख के आसपास किन-किन लोगों से बात हुई।
12 जुलाई को कानपुर के सीसामऊ निवासी कपड़ा व्यापारी अजीत केसरवानी, पत्नी लक्ष्मी, पुत्र आदि, यश व बेटी माही के साथ इलाहाबाद जाने की बात कहकर घर से निकले थे। घर से जाते समय वह अपने भाई को घर में मछलियों को दाना डालने के लिए कहकर चले गए थे। दोपहर में वे र्भाई के घर पहुंचे तो ताला लगा था। चाबी के लिए कई बार फोन लगाया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद वह भाभी के मोबाइल नंबर पर भी संपर्क करते रहे, लेकिन बात नहीं हो सकी। पता न चलने पर परिजनों ने झांसी आकर पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। एसएसपी ने स्वॉट टीम के साथ कई थानों की पुलिस को लगाया, लेकिन सोमवार तक लापता परिजनोें का पता नहीं चल सका। इधर, पुलिस ने दतिया व डबरा में भी डेरा जमा लिया है। दतिया व डबरा केे होटल खंगाले जा रहे हैं। वहीं, दोनों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकालकर जांच की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं आ सका। एसएसपी डॉॅ. ओपी सिंह ने बताया कि पड़ताल जारी है। पुलिस के हाथ जल्द सुराग लगेगा।
खंगाले जाएंगे सीसीटीवी कैमरे
पड़ताल के लिए पुलिस ने कानपुर रोड, मेडिकल कॉलेज व ग्वालियर रोड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि कानपुर से आने के बाद कपड़ा व्यापारी ने झांसी में प्रवेश किया। उनकी लोकेशन चित्रा चौैराहा भी बताई गई है। ऐसे में यदि सभी मेडिकल कॉलेज से आते हैं तो इलाइट होकर ही चित्रा चौराहा पहुंचे होंगे। यदि दतिया गए होंगे तो ग्वालियर रोड होते हुए। ऐसे में पुलिस सीसीटीवी कैमरे से फुटेज तलाशने में जुट गई है।