झांसी। रेलवे स्टेशन पर वाटर कूलर चालू न होने से यात्रियों को सादा पानी पीना पड़ रहा है। वेटिंग रूमों में सालों पुराने एसी लगे हैं, जिनसे कूलिंग नहीं हो पा रही है। गर्मी से यात्रियों का यहां बैठना मुश्किल बना है। इससे यात्री सुविधाओं का बुरा हाल बना हुआ है।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर सात, प्लेटफार्म दो-तीन पर तीन, प्लेटफार्म चार-पांच पर दो और प्लेटफार्म छह पर एक वाटर कूलर (वाटर बूथ) लगे हैं। हर साल एक अप्रैल से वाटर कूलर और वेटिंग रूमों में एसी का संचालन शुरू हो जाता है। मगर, अभी तक वाटर कूलर चालू नहीं किए गए हैं। इससे यात्रियों को सादा पानी पीना पड़ रहा है। वह भी गर्मी के साथ गरम होता जा रहा है। गरिया डैम से आने वाले पानी में काई की गंध आ रही है। इससे यात्रियों के लिए सादा पानी पीना मुश्किल हो रहा है। इसी तरह, वातानुकूलित महिला और पुरुष वेटिंग रूम में पुराने एसी काम नहीं कर रहे हैं। कूलिंग न होने से वेटिंग रूम के अंदर गर्मी रहती है। इससे यात्रियों को दरवाजा बंद रखने की जगह खोलकर वेटिंग रूम में बैठना पड़ रहा है। स्टेशन प्रबंधक चैंबर का भी एसी काम नहीं कर रहा है। वीआईपी रूम के एसी से पानी टपक रहा है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ठेकेदार मरम्मत कार्य में लगा है। नौ अप्रैल से सभी वाटर कूलर पर ठंडा पानी और वेटिंग रूम में कूलिंग होने लगेगी।
वाटर वेंडिंग मशीन ने भी उगला गरम पानी
रेलवे स्टेशन के अलग-अलग प्लेटफार्म पर छह वाटर वेंडिंग मशीनें लगी हैं। इन मशीनों पर यात्रियों को कम दामों में ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। रविवार की रात 11 बजे से सुबह 11.30 बजे तक बिजली न रहने से वाटर वेंडिंग मशीनों पर पानी ठंडा नहीं हो सका। इससे यात्री इस सुविधा से भी वंचित बने रहे। मालूम हो कि एक वाटर वेंडिंग मशीन एक घंटे सुचारु रूप से बिजली मिलने पर 130 लीटर पानी को ठंडा कर देती है।