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बैठने को कुर्सी-मेज नहीं, मुकाबला निजी स्कूलों से

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लक्ष्मीबाई जूनियर हाईस्कूल में जमीन पर बैठकर पढ़ते छात्र- छात्रा। - फोटो : REPORTERS
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बैठने को कुर्सी-मेज नहीं, मुकाबला निजी स्कूलों से
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झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी व जूनियर हाईस्कूलों की दशा में कोई सुधार नहीं आ रहा है। ज्यादातर स्कूलों में तो बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर तक नहीं है। इससे गर्मी, जाड़ा और बरसात में बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ना पड़ता है। सरकार निजी स्कूलों से मुकाबले की बात कह रहे हैं लेकिन सरकारी स्कूलों में सुविधाओं का भारी अभाव है। स्कूलों में बिजली और पंखे तक नहीं हैं।
जनपद में 1204 प्राइमरी व 560 उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के अंतर्गत इन सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, मध्याह्न भोजन, यूनिफार्म, पाठ्य पुस्तकें भी दी जाती हैं लेकिन आम परिवारों से ताल्लुक रखने वाले इन विद्यार्थियों को केंद्रीय विद्यालयों की तरह शैक्षिक माहौल मिलना बेहद मुश्किल है। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही नगर क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ने बैठने के लिए फर्नीचर और पर्याप्त जगह नहीं है। दतिया गेट प्राथमिक विद्यालय, लक्ष्मीबाई जूनियर हाईस्कूल, गणेश बाजार प्राथमिक स्कूल, उन्नाव गेट प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक सहित अधिकांश विद्यालयों का यही हाल है। इन विद्यालयों में बिजली के कनेक्शन तक नहीं हैं। लक्ष्मीबाई जूनियर हाईस्कूल में तो सफाई व्यवस्था भी बेहतर नहीं है। बरसात में दीवारें भी रिस रही हैं। इसके अलावा अगर विद्यालय परिसर में जलभराव है। पानी में घुसकर बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है। शिक्षिकाओं ने बताया कि कई बार विभाग के अधिकारियों से समस्या बताई लेकिन कुछ नहीं हुआ।
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सरकारी स्कूलों में हैं ये समस्याएं
- कंप्यूटर की पढ़ाई न होना।
- स्कूल भवनों की दीवार व छतों का रिसना।
- साफ सफाई का अभाव।
- समय से स्कूल न खुलना।
- बिजली का कनेक्शन न होना।
- विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में प्रचार - प्रसार न होना।
- खेल सामग्री का अभाव।
- फर्नीचर का अभाव।
- कमरों का अभाव।
- एक ही रूम में चलती हैं सभी कक्षाएं।
दावा था, सभी विद्यार्थी फर्नीचर पर बैठकर पढे़ंगे
नए शिक्षा सत्र में बेसिक शिक्षा निदेशालय ने जोरशोर से प्रचार - प्रसार किया था कि पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थी भी फर्नीचर पर बैठकर शिक्षा पाएंगे। अगर जिला बेसिक शिक्षा विभाग की बात पर यकीन करें तो वर्ष 2017 - 18 में 100 जूनियर हाईस्कूलों के लिए फर्नीचर की खरीद की गई थी। वर्तमान शैक्षिक सत्र में अन्य जूनियर हाईस्कूलों के लिए फर्नीचर खरीदा जाएगा।
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फर्नीचर के लिए सभी जूनियर हाईस्कूलों के नाम विभाग को दिए गए हैं। जल्द ही सभी स्कूलों में यह उपलब्ध होंगे। साथ ही कुछ समाजसेवी संस्थाओं से भी फर्नीचर व्यवस्था के लिए संपर्क किया जा रहा है।
- कपूर सिंह परिहार, नगर शिक्षाधिकारी
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