शताब्दी एक्सप्रेस में कोरोना का खौफ। अमर उजाला
झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने कहा कि ट्रेनों के वातानुकूलित कोचों में 31 मार्च तक कंबल और चादर नहीं मिलेंगे। कोरोना वायरस नियंत्रण को बिना किसी अपवाद के सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस संबंध में मंगलवार को उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मंडल प्रमुखों को निर्देश दिए। कोरोना वायरस की रोकथाम संबंधी तैयारियों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि डिब्बों की सघन सफाई लगातार संपर्क क्षेत्र जैसे रेलिंग, आर्मरेस्ट, नल, कुंडी, सीटें आदि का निरंतर सेनेटाइजेशन से होता है। उत्तर मध्य रेलवे की सभी प्रस्थान ट्रेनों के शौचालय और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की स्टीम क्लीनिंग होती रहे। उपरोक्त के कार्यान्वयन की स्थिति की जांच करने के लिए अधिकारी स्टेशनों का लगातार दौरा करते रहें ।
उन्होंने कहा कि संचार के इलेक्ट्रॉनिक रूप को अधिकतम करने की आवश्यकता है ताकि पत्रों के माध्यम से भौतिक संक्रमण कम से कम हो जाए और कोविड.19 के किसी भी संभावित प्रसार को कम करने में सहायता मिले। कोरोना प्रसार की संभावना को कम करने के लिए सभाओं और व्यक्तिगत संपर्कों को कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों में लोगों को कम से कम प्रवेश दिया जाए। ट्रेन संचालन में संरक्षा संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि घटनाओं की उचित रिपोर्टिंग अत्यंत महत्वपूर्ण हैए ताकि पुनरावृत्ति से बचने के लिए उचित जांच और पर्याप्त अनुवर्ती कार्रवाई की जा सके। लाइन पर ट्रेन होने की स्थिति में प्वाइंट रिवर्सल भारतीय रेलवे पर एक मानक नियम है, जिससे पीछे आ रही किसी ट्रेन के क्रू की सिगनल के अनुपालन में गलती की स्थिति के बावजूद भी दुर्घटना से बचाव होता है। अब इसी के संबंध में स्टेशन स्टाफ को एलर्ट करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे अब अपने स्टेशनों पर स्वचालित अलार्म की व्यवस्था कर रहा है।