- नगर निगम में नियमित सिर्फ एक कर्मी तैनात, चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से ली जा रही थी सेवाएं अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। नगर निगम में पहली बार आउटसोर्सिंग पर बिल कलेक्टर की तैनाती की गई है। ये घर-घर जाकर कर का संग्रह करेंगे। आउटसोर्सिंग की सेवाएं देने वाली कंपनी से गारंटी के तौर पर 20 लाख रुपये की जमानत राशि भी जमा कराई गई है।
नगर निगम में बिल कलेक्टर के नौ पद हैं। मौजूदा समय में सिर्फ एक कर्मचारी ही नियमित तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। जबकि, छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से भी बतौर बिल कलेक्टर सेवाएं ली जा रही हैं। इन कर्मचारियों को दूसरे विभाग का भी कार्यभार होने से कामकाज भी प्रभावित हो रहा था। कर्मचारियों की कमी के मद्देनजर आउटसोर्सिंग पर बिल कलेक्टर रखने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसकी मंजूरी मिलने के बाद अब नौ कर्मचारियों की तैनाती आउटसोर्सिंग पर हो गई है। नगर निगम में आउटसोर्सिंग का टेंडर लेने वाली फर्म के जरिये ही ये कर्मचारी तैनात हुए हैं। चूंकि, बिल कलेक्टरों को कर का संग्रहण करना होता है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन ने फर्म से गारंटी के तौर पर 20 लाख रुपये की जमानत राशि भी जमा करवाई है।
साल में जमा होता है 35 करोड़ गृहकर
जीआईएस सर्वे के बाद नगर निगम के दायरे में आने वाले गृहकरदाताओं की संख्या बढ़कर करीब पौने दो लाख पहुंच गई है। ऐसे में अब लगभग 35 करोड़ रुपये गृहकर हर साल जमा होता है।
आउटसोर्सिंग पर नौ बिल कलेक्टरों की तैनाती की गई है। इसके लिए फर्म से गारंटी के तौर पर जमानत राशि भी जमा कराई गई है। - आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त।