शनिवार की रात अमर उजाला की टीम ने शहर में सर्दी से बचाने के इंतजाम की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई गई। मुर्गा-मछली मार्केट स्थित रैन बसेरे और बस स्टैंड पर नवनिर्मित यात्री प्रतीक्षालय पर ताला लटका मिला। हां, बस स्टैंड पर एक रैन बसेरा सुचारु रूप से संचालित होता मिला।
पिछले तीन-चार दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। रात में पारा अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाता है। ऐसे में यात्रियों व अन्य जरूरतमंदों के लिए सिर छुपाने के लिए नगर निगम ने नगर में दो रैन बसेरा बस स्टैंड व मुर्गा मछली मार्केट में बनाए हैं। रात 8.55 बजे बस स्टैंड का रैन बसेरा खुला मिला और लोग सोते हुए पाए गए। यहां पचास लोगों के लिए रजाई-गद्दे की व्यवस्था है। रात 9.15 बजे मंडी के आगे मुर्गा-मछली मार्केट स्थित रैन बसेरे पर ताला लटका था। रैन बसेरे के अंदर और बाहर अंधेरा पसरा था। चौकीदार भी नदारद था।
रात 9.30 बजे बस स्टैंड पर नवनिर्मित यात्री प्रतीक्षालय के आसपास गंदगी पसरी थी और छुट्टा जानवरों का डेरा था। गेट पर ताला लटका था। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि यात्री प्रतीक्षालय बंद रहता है। इस यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने सांसद निधि से कराया है। एक माह पहले ही यह बस आपरेटर्स एसोसिएशन को संचालन के लिए हस्तांतरित किया गया है। लेकिन, यह यात्रियों के काम नहीं आ रहा है।
मुर्गा-मछली मार्केट स्थित रैन बसेरा में ठहरने वालों की संख्या कम रहती है। नगर निगम की ओर से वहां चौकीदार की तैनाती की गई है और नियमित खोलने के आदेश भी हैं। यदि रैन बसेरा बंद पाया गया है, तो इसकी जांच कर चौकीदार के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
- डा. राकेश बाबू, नगर स्वास्थ्य अधिकारी