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चंद महीनों में दरक रहा सात जन्मों का रिश्ता

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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कहीं पत्नी को पति पर भरोसा नहीं, कहीं सास-ससुर से दूर पति के साथ रहने की जिद। आपसी विवाद, बेरोजगारी, नशा, दहेज उत्पीड़न और शक की वजह से आए दिन तकरार। ऐसे मामले हर रोज पुलिस के सामने आ रहे हैं। जिनके चलते सात जन्मों का बंधन चंद महीनों में ही दरक रहा है। पुलिस के पास रोज इस तरह के चार से पांच मामले आ रहे हैं। यह ऐसे मामले हैं, जिनमें मात्र दो से तीन माह पहले ही शादी हुई थी, अब जिनमें तलाक की नौबत आने लगी है।
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सात जन्म के बंधन में बेरोजगारी, नशा और शक की भूमिका रिश्तों में दरार डाल रही है। रोज ऐेसे औसतन चार से पांच मामले घर की तहलीज पार कर पुलिस तक पहुंच रहे हैं। रिश्ते टूटने की अधिकतर शिकायतें महिला थाने पर भी पहुंच रही हैं। ज्यादातर शिकायतें महिलाओं की तरफ से हैं और कुछ शिकायतें पुरूष भी कर रहे हैं। जनवरी से दिसंबर तक महिला थाने में 519 मामलों में महिलाएं अपने पति और सास-ससुर के खिलाफ शिकायत कर चुकी हैं। ज्यादातर शिकायत पति के काम न करने, नशा करने, शक करने, पति द्वारा घर का काम न करने, शराब पीकर मारपीट करने और दूसरी महिलाओं के साथ रिश्ते होने की होती हैं।

वहीं, सौ से अधिक मामले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से रहे हैं। इसकी वजह बेरोजगारी है, क्योंकि शादी के बाद खर्च बढ़ जाता है और पति बेरोजगार होने से पत्नी को खर्च के लिए पैसे नहीं दे पाता। इससे दोनों में विवाद शुरू हो जाता है। वहीं, पढ़े-लिखे भी शिकायत करने में पीछे नहीं हैं। छह माह में 82 से अधिक नौकरी करने वाले पति - पत्नी भी शिकायत कर चुके हैं। ड्यूटी से आने के बाद पत्नी घर का काम करती है और ड्यूटी पर जाने से पहले सारा काम और बच्चों को संभालती है। शिकायत में महिलाओं का कहना है कि जब वह जॉब के साथ-साथ घर का काम करती हैं तो पति उनका हाथ क्यों नहीं बंटाते। काउंसलिंग के दौरान पति आरोप लगाते हैं कि पत्नी का ऑफिस में काम करने वाले साथी के साथ संबंध हैं।
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ऐसे घर जोड़ने की होती कोशिश
परिवार परामर्श केंद्र में इस तरह के मामलों को तेजी के साथ निपटाया जा रहा है। इस तरह की शिकायत आने के बाद पुलिस पति और पत्नी को बुलाकर पहले अलग-अलग रिश्ता टूटने का कारण पूछती है। इसके बाद दोनों को काउंसलिंग के लिए बुलाया जाता है, जहां सामने बैठाकर उनकी गलतफहमियाें को दूर करने की कोशिश की जाती है। यदि समझौता नहीं हुआ तो पुलिस तीन बार दोनों की काउंसलिंग करती है, इसके बाद भी यदि मामला दर्ज नहीं हुआ तो फिर पुलिस मामला दर्ज करती है।
डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी

समझदारी से लें काम
ऐसे मामलों में छोटे-मोटे विवाद और अहं के टकराव से बचें। साथ ही, ऐसी नौबत आने पर मामले का शांतिपूर्ण हल निकालने की कोशिश की जाए तो परिवार टूटने से बच सकता है। ऐसे मामलों में गंभीरता से और समझदारी के साथ बातचीत की जाए तो यह परिवार कभी नहीं टूट सकता है।
शमीम खान, अधिवक्ता

बिखरते रिश्तों के प्रमुख कारण
- एक दूसरे में सामंजस्य न बनना
- धैर्य न होना एक-दूसरे को समझने की क्षमता की कमी
- निजी मामलों में परिवार के अन्य सदस्यों की दखलंदाजी
- एक-दूसरे को पर्याप्त समय न दे पाना
- मोबाइल फोन पर ज्यादा देर तक बात करते रहना
- शादी तय होते वक्त वर-वधू या परिजनों द्वारा झूठ बोलना

केस नंबर 1
मसीहागंज इलाके में रहने वाले एक युवती ने शिकायती पत्र देकर बताया कि उसकी शादी वर्ष जुलाई 2018 में हुई थी। शादी के बाद पति नशा कर घर आने लगा, इसके बाद वह मायके आ गई। बात करने के लिए पति को बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आ रहे, अब ऐसी स्थिति में तलाक दिलाया जाए।

केस नंबर 2
खातीबाबा में रहने वाली एक युवती ने शिकायती पत्र देकर बताया कि उसकी शादी दो माह पहले हुई थी। पति शादी से पहले प्राइवेट जॉब करते थे, लेकिन शादी होने के बाद नौकरी छोड़ दी थी। अब वह घर पर रहते हैं और बार-बार शक कर झगड़ा करते हैं। अब वह उनके साथ रहना नहीं चाहती है।

केस नंबर 3
उन्नाव गेट रहने वाली एक युवती ने शिकायती पत्र देकर बताया कि शादी को छह माह हो गए हैं। शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज में कार मांगने लगे। मांग पूरी न होने के बाद वह मायके आकर नौकरी करने लगी। पति ऑफिस आकर परेशन कर रह हैं। ऐसी स्थिति में वह तलाक मांग रही है।
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