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योगी जी नवजात को न्याय नहीं दिला पा रहे आपके अफसर

Thu, 26 Dec 2019 01:54 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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अधिकारियों की लंबी चौड़ी फौज एक नवजात को न्याय नहीं दिया पा रही है। बच्ची को फेंकने वालों को ढूंढ नहीं पा रहे हैं। दस दिन बाद भी कोई पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उसका हाल तक जानने नहीं पहुंचे। यह हालात तब हैं जब केंद्र और प्रदेश सरकार बालिकाओं के लिए तमाम योजनाएं चला रही है। उनकी सुरक्षा के बड़े बड़े वादे किए जा रहे हैं। लेकिन अधिकारियों पर इसे लेकर कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर पड़ रहा होता तो अब तक जांच शुरू करा दी गई होती।

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इस नवजात को मेडिकल कालेज के गेट संख्या एक के सामने वाली गली में शिवमंदिर के पास फेंक दिया गया था। कुत्तों ने इसका एक हाथ खा लिया है। उसका मेडिकल कालेज में इलाज जारी है। नवजात को फेंकने वालों की तलाश के लिए अमर उजाला द्वारा मुहिम चलाई जा रही है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने तो बच्ची को फेंकने वाले की जानकारी देने पर 51,000 रुपये के पुरस्कार देने तक का एलान कर दिया है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी मामले को संज्ञान में लिया है। जल्द ही जांच के लिए आयोग की टीम झांसी आने वाली है। बच्ची की हालत जानने के लिए रोजाना मेडिकल कालेज में दर्जनों लोग पहुंच रहे हैं। कई परिवार उसे गोद लेकर परवरिश तक की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। लेकिन, स्थानीय प्रशासन इन सबसे अनजान बना बैठा हुआ है।
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अफसरों को तत्काल जाना चाहिए था, प्रभारी मंत्री
झांसी। प्रभारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री से जब इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि यह बहुत गंभीर मामला है। अफसरों को तत्काल मौके पर जाना चाहिए था। बच्ची को किसने फेंका है इसकी पड़ताल होनी चाहिए। जब सीसीटीवी वहां लगे हैं तो उन्हें चेक किया जाए हकीकत सामने आ जाएगी। वह अफसरों से बात करेंगे। यह तो लापरवाही है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि नवजात का बेहतर इलाज कराया जाएगा। उसे फेंकने वालों को भी तलाशा जाएगा। दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

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