अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती नवजात शिशुओं को जल्द ही हर समय मां का दूध मिल सकेगा। कॉलेज में एक अप्रैल को लेक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट (एलएमयू) शुरू हो जाएगी। यहां पर नवजात शिशु की मां का दूध एकत्र करके डीप फ्रीजर में रखा जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के निक्कू में एक महीने से छोटे बच्चे भर्ती रहते हैं। इसमें ज्यादातर बच्चे जन्म के तुरंत बाद ही भर्ती होते हैं। कुछ बच्चों का वजन तो एक किलो से भी कम होता है। डॉक्टरों का कहना है कि नवजात शिशु के लिए मां का दूध प्रथम टीका होता है। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। अभी यहां भर्ती नवजात शिशु को हर समय मां दूध नहीं पिला पाती हैं। क्योंकि, यूनिट में संक्रमण फैलने के खतरे के चलते परिजनों के हर समय आने पर भी रोक रहती है। ऐसे में बच्चों को डब्बा बंद दूध पिलाना पड़ता है। मगर ये समस्या जल्द ही दूर होने वाली है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि एसएनसीयू में लेक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट बनने जा रही है। इसके लिए उपकरणों की भी खरीद की जानी है। एक अप्रैल ये यूनिट शुरू हो जाएगी। इलेक्टि्रक ब्रेस्ट पंप के जरिए मां का दूध एकत्र करके डीप फ्रीजर में रखा जाएगा। जब भी बच्चे को भूख लगेगी, उसे संग्रह किया गया दूध पिलाया जाएगा।
एलएमयू में ये सुविधाएं होंगी
...................................
- मैनुअल और इलेक्टि्रक पंपिंग मशीन
- मिल्क स्टोरेज
- उपकरण धोने की सुविधा
- स्टोर मिल्क वितरण
- रिकॉर्ड रखना