बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के समता गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा द्वारा आत्महत्या करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्रा की बड़ी बहन ने आरोप लगाया है कि बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन (ईसी) के शिक्षकों ने क्लास में पढ़ाया ही नहीं था। परीक्षा शुरू होने के दो-तीन दिन पहले अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर पढ़ाई कराई। उनकी छोटी बहन को कुछ समझ नहीं आया। वह परेशान थी और बैक लगने के डर से आत्महत्या कर ली है।
झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के समता गर्ल्स हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाली छात्रा सृष्टि राय के परिजनों ने शुक्रवार को बीयू के शिक्षकों और हॉस्टल की मेट्रन, वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा की बड़ी बहन का आरोप है कि बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन (ईसी) के शिक्षकों ने क्लास में पढ़ाया ही नहीं।
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परीक्षा शुरू होने के दो-तीन दिन पहले अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर पढ़ाई कराई। उनकी छोटी बहन को कुछ समझ नहीं आया। वह परेशान थी और बैक लगने के डर से आत्महत्या कर ली है। गोरखपुर के शाहपुर के मुहल्ला धर्मपुर निवासी बड़ी बहन पूजा राय ने बताया कि बुधवार रात करीब 11 बजे उनकी सृष्टि से फोन पर अंतिम बार छह-सात मिनट बात हुई थी। तब सृष्टि ने कहा था कि उसे टॉपिक समझा दो।
समझ नहीं आ रहा कैसे परीक्षा दूंगी। उसे बैक लगने का डर था। मैकेनिकल इंजीनियरिंग से एमटेक और गोरखपुर में पॉलिटेक्निक में लेक्चरर के पद पर कार्यरत पूजा के मुताबिक उनकी बहन हमेशा परिजनों से ये शिकायत करती थी कि विभाग में पढ़ाई नहीं होती है। लैब में प्रैक्टिकल भी नहीं कराए जाते हैं।
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जबकि, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में बिना प्रैक्टिकल के विद्यार्थी कुछ नहीं सीख सकते हैं। जब विद्यार्थियों के सेल्फ स्टडी का समय होता है तो अतिरिक्त कक्षाएं बुला ली जाती है। छात्रों को उपस्थिति के नाम पर बुलाते हैं। अंत में विद्यार्थी पर इतना दबाव बना देते हैं कि उसे कुछ समझ नहीं आता। उनकी बहन के साथ भी ऐसा ही हुआ।
आरोप लगाया कि कोई विद्यार्थी पढ़ाई के संबंध में बात करने जाए तो ईसी के विभाग समन्वयक उसकी बात नहीं सुनते हैं। अपने विभाग तक में नहीं बैठते हैं। दो-तीन दिन पहले ही जब सृष्टि हॉस्टल की फीस जमा करने को लेकर समन्वयक के पास गई तो चौथी बार विभाग में जाने पर वह मिले। इसके अलावा उन्होंने हॉस्टल वार्डन पर परिजनों की बात न सुनने का आरोप लगाया।
साथ ही कहा कि मेट्रन को बुधवार रात साढ़े नौ बजे फोन करके बहन के पास किसी को भेजने के लिए बोला था तो उन्होंने कहा कि वार्डन को फोन करो। कई बार गुहार लगाने पर बोलीं कि किसी को भेज देंगे। अगर किसी आया को भेज दिया होता या फिर कमरे में कोई छात्रा होती तो उनकी बहन नहीं मरती। सृष्टि की मां निभा राय ने कहा कि वह इस प्रकरण में चुप नहीं बैठेंगी। कार्रवाई कराएंगी।
पढ़ने में मेधावी थी सृष्टि, यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड करती थी वीडियो
पूजा ने बताया कि सृष्टि शुरू से ही पढ़ने में मेधावी थी। 10वीं में उसके 94 फीसदी और 12वीं में 88 प्रतिशत अंक आए। 94 प्रतिशत अंक के साथ उसने बीटेक प्रथम वर्ष की भी परीक्षा पास की और वह टॉपर रही। जबकि, बीटेक द्वितीय वर्ष में भी उसके 86 फीसदी अंक आए। वह गेट की तैयारी कर रही थी। उसका पेपर होने वाला था। यही नहीं, सृष्टि ने यू-ट्यूब पर अपना चैनल भी बनाया था। इसमें वो दूसरों के लिए पढ़ाई से संबंधित वीडियो भी अपलोड करती थी। उसकी अंग्रेजी भी बहुत अच्छी थी।
हॉस्टल में परिजनों का हंगामा, वार्डन और मेट्रन के साथ धक्का-मुक्की
सृष्टि का सामान लेने के लिए हॉस्टल पहुंचे आक्रोशित परिजनों ने हंगामा किया। इसके अलावा वार्डन और मेट्रन के साथ धक्का-मुक्की भी कर दी। जब सृष्टि की मां और बहन वहां से चली गईं तो रेलवे में इंजीनियर बड़े भाई अजीत राय से बीयू अधिकारियों ने वार्डन, मेट्रन से माफी मांगने के लिए कहा। इस पर भाई भड़क गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
सृष्टि की पसंद का खाना लेकर आ रही थी बहन पूजा
सृष्टि की मां ने बताया कि पढ़ाई को लेकर बेटी को चिंतित देखकर उन्होंने पूजा को बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय भेजने का निर्णय कर लिया था। पूजा छोटी बहन सृष्टि की पसंद का खाना सरसों का साग, पूड़ी आदि लेकर आ रही थी। उन्हें नहीं पता था कि बेटी अब ये खाना कभी नहीं खा पाएगी। पोस्टमार्टम हाउस में सृष्टि के पिता बिहार पुलिस से इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त जयप्रकाश राय, मां, भाई और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
शुरूआती जांच में सामने आया है कि छात्रा के दोनों पेपर अच्छे नहीं गए थे। परिजनों द्वारा विभाग में पढ़ाई न होने का जो आरोप लगाया है, उसकी जांच कराई जाएगी। क्षणिक आवेश में परिजनों द्वारा हॉस्टल में जो घटनाक्रम घटा है, वो नहीं होना चाहिए था। वार्डन भी बीयू की शिक्षिका है। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।