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झांसी से नेपाल जाना होगा और आसान, मैलानी तक सीधी ट्रेन चलाने की तैयारी

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झांसी। नेपाल बॉर्डर पर स्थित मैलानी जंक्शन (लखीमपुरखीरी) के लिए झांसी से सीधी ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है। इस ट्रेन के चलने पर बुंदेलखंड के लोगों के लिए नेपाल जाना आसान हो जाएगा। नेपाल के काठमांडू शहर में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन के लिए हर साल सैकड़ों लोग बुंदेलखंड से जाते हैं।
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अभी तक नेपाल बॉर्डर से लगे लखीमपुरखीरी से मैलानी तक छोटी रेल लाइन बिछी थी, लेकिन 14 फरवरी से इस ट्रैक को बड़ी रेल लाइन में बदल दिया गया। इस ट्रैक पर गाड़ियां दौड़ने लगी हैं। रेलवे बोर्ड अब झांसी से मैलानी जंक्शन तक ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। यह ट्रेन शाम चार बजे झांसी से चलेगी जो सुबह मैलानी पहुंचा देगी। रात भर का सफर होगा। इस ट्रेन के चलने पर नेपाल का सफर आसान हो जाएगा।
अभी जो यात्री बुंदेलखंड से जाते हैं, उनको गोरखपुर जाने वाली ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता है। गोरखपुर में उतरने के बाद मुसाफिरों को नेपाल बॉर्डर पहुंचने में करीब 80 किलोमीटर का सड़क मार्ग से सफर करना पड़ता है। जबकि, मैलानी जंक्शन से नेपाल बॉर्डर करीब 20 किलोमीटर है। गोरखपुर की तरफ जाने वाली ट्रेनों में बेहद भीड़भाड़ रहती है। अंतिम दिनों में इस रूट की ट्रेनों में कंफर्म आरक्षण मिलना मुश्किल हो जाता है। रेलवे सूत्रों के अनुसार यह ट्रेन जल्द चलने लगेगी।
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अभी ये ट्रेनें हैं उपलब्ध
झांसी से गोरखपुर की दूरी 561 किलोमीटर है। अभी झांसी से गोरखपुर के लिए 18 ट्रेनें उपलब्ध हैं। इनमें 15016 यह लंका गोरखपुर एक्सप्रेस, 15068 बांदा टर्मिनस गोरखपुर एक्सप्रेस, 15046 ओखा गोरखपुर एक्सप्रेस, 12590 सिंकदराबाद गोरखपुर एक्सप्रेस, 12592 यशवंतपुर गोरखपुर एक्सप्रेस, 12512 तिरुवनंतपुरम गोरखपुर राप्ती सागर एक्सप्रेस, 12522 अर्नाकुलम बरौनी राप्ती सागर एक्सप्रेस, 12542 लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोरखपुर संत कबीर एक्सप्रेस, 15024 यशवंतपुर गोरखपुर एक्सप्रेस, साप्ताहिक 15030 पुणे गोरखपुर एक्सप्रेस, 11079 लोकमान्य तिलक गोरखपुर एक्सप्रेस, 15102 मुंबई छपरा एक्सप्रेस, 15066 पनवेल गोरखपुर एक्सप्रेस, 15064 मुंबई गोरखपुर एक्सप्रेस, 11124 ग्वालियर बरौनी मेल, 11015 कुशीनगर एक्सप्रेस शामिल हैं। इनमें अधिकांश गाड़ियां सप्ताह में एक या दो दिन ही उपलब्ध हैं।
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