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सड़क पर न सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम, काटे जा रहे चालान

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इलाइट चौराहा पर वाहन चेकिंग करती पुलिस। अमर उजाला
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सड़क पर न सुविधा और सुरक्षा के इंतजाम, काटे जा रहे चालान
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झांसी। शहर में पार्किंग की व्यवस्था है नहीं, इलाइट को छोड़कर अन्य किसी चौराहे पर सिग्नल लाइट नहीं है और न ही पुलिस की ओर से यातायात नियंत्रण के कोई उपाय किए जाते हैं। सड़कों पर जगह-जगह छुट्टा जानवरों के झुंड जमा रहते हैं। वहीं, सड़कों का हाल भी खस्ता है। बावजूद, नये मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। वाहन चालकों के धड़ाधड़ चालान काटे जा रहे हैं। आम जनमानस को ये रास नहीं आ रहा है।
एक सितंबर से मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव किया गया है। इसके तहत यातायात नियम तोड़ने पर वसूले जाने वाले जुर्माने की दरें कई गुना बढ़ गईं हैं। हालांकि, शहर में अभी नई दरों पर जुर्माना तो वसूला नहीं जा रहा है, लेकिन नया नियम लागू होने के साथ ही पुलिस सघन चेकिंग शुरू कर दी है। महानगर में पुलिस जगह - जगह चेकिंग कर धड़ाधड़ कर चालान कर रही है। जल्द ही बढ़ा हुआ जुर्माना वसूल किया जाने लगेगा। पुलिस की ओर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। बगैर हेलमेट से लेकर तेज रफ्तार, क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, वजन लादने समेत ओवर स्पीड, वाहन के अभिलेखों में कमी आदि पर दो गुना से दस गुना तक बढ़े जुर्माना वसूले जाने की तैयारी शुुरू हो चुकी हैं।
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जुर्माने की बढ़ी हुई दरों को लेकर ज्यादातर लोगों में रोष है। उनका तर्क है कि भले ही पुलिस बड़ा हुआ जुर्माना वसूल करेे, लेकिन सुविधाएं भी तो तो बढ़ाई जाएं। इलाइट चौराहा को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी सिग्नल लाइट नहीं हैं। अन्य चौराहे तो भगवान भरोसे हैं। यहां से निकलने में ही प्रतिदिन लोग हादसों का शिकार होते हैं। महानगर में पार्किग के भी कोई इंतजाम नहीं हैं। बाजार आने वाले लोगों को सड़क पर या फिर किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं। ऐसे में कई बार तो यातायात पुलिसकर्मी गाड़ी उठा ले जाते हैं या फिर चालान हो जाता है। ऐसा प्रतिदिन लोगों के साथ हो रहा है। सड़कों की हालत भी खस्ता है। इसमें सीपरी बाजार क्षेत्र का तो हाल और भी बदहाल है। यहां से निकलना भी मुश्किल भरा है। दिन भर सड़कों पर बैठे जानवर भी हादसे का कारण बन रहे हैं। ऐसे में तमाम अव्यवस्थाओं के बीच कई गुना चालान वसूलना जनता के हित में नहीं है।
हर जगह जुर्र्माने की चर्चा
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बढ़ाए गए जुर्माने की चर्चा हर जगह है। घरों से लेकर दफ्तरों में तक में लोग अपने-अपने हिसाब से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर भी यही मुद्दा छाया हुआ है। हालांकि, सड़कों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। पहले जहां इक्का-दुक्का दुपहिया चालकों के सिर पर हेलमेट नजर आता था, तो वहीं अब इनकी संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। लोग सीट बेल्ट का प्रयोग भी करने लगे हैं।
एक साथ लंबा जुर्माना नहीं करना था। समय - समय पर बदलाव करते, ताकि जनता को नियमों के पालन करने की आदत भी पड़ जाती है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
- फय्याज खान, अधिवक्ता
जुर्माना वसूलना गलत नहीं है, लेकिन उस तरह से सुविधाएं भी तो बढ़ाई जाएं। शहर में पार्किंग के इंतजाम हैं नहीं। यातायात नियंत्रण के उपायों का भी अभाव है।
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- दीपक, व्यापारी
यातायात नियमों का पालन करना सीधे तौर पर लोगों की जीवन की रक्षा से जुड़ा हुआ है। लोग नियमानुसार वाहन का प्रयोग करें, उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। इससे यातायात भी सुगम होगा और सभी को सुविधा मिलेगी।
- जितेंद्र सिंह परिहार, सीओ सिटी
जुर्माने की यह हैं नई दरें
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- सीट बेल्ट नहीं पहनने पर 1000
- हेलमेट नहीं पहनने पर 1000 व तीन माह के लिए लाइसेंस सस्पेंड
- एंबुलेंस को रास्ता नहीं देने पर 10 हजार तक जुर्माना
- बगैर ड्राइविग लाइसेंस के वाहन चलाने पर 5000 जुर्माना
- लाइसेंस रद होने बावजूद वाहन चलाने पर 10 हजार
- ओवरस्पीड पर 2000 जुर्माना
- खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 5000 जुर्माना
- शराब पीकर वाहन चलाने पर 10 हजार जुर्माना, लाइसेंस निलंबित भी होगा।
- वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने पर 5000 रुपये
- बगैर इंश्योरेंस वाहन चलाने पर 2000 रुपये जुर्माना
- नाबालिग के वाहन चलाने पर 25 हजार जुर्माना और तीन वर्ष की सजा, वाहन का रजिस्ट्रेशन रद और गाड़ी के मालिक व नाबालिग के अभिभावक भी दोषी माने जाएंगे
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