संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। आल्हा गायन, राई नृत्य सहित कई अन्य स्थानीय लोक कलाएं व लोक साहित्य को सहेजने की दिशा में प्रदेश सरकार प्रयासरत है। इसके लिए बुंदेलखंडी लोक कलाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए यूनेस्को की मानवता की अमूर्त विरासत के तौर पर मान्यता दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार के इस महत्वपूर्ण प्रयास पर स्थानीय कलाकारों ने हर्ष जताया है। उनका कहना है कि इससे लोक कलाकारों को रोजगार के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। देश-विदेश में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक महोत्सवों में बुंदेली लोक संस्कृति को प्रस्तुत करने का व्यापक अवसर प्राप्त होगा। र