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Jhansi News: बेहतर इलाज के लिए ढूंढने होंगे नए तरीके

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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। डॉक्टरों को नित नई विधि सीखकर उपचार में अमल करना चाहिए। बेहतर इलाज के लिए और नए तरीके ढूंढने होंगे। ये बात शनिवार को हृदय प्रत्यारोपण सर्जन प्रो. नागामलेश यूएम ने कही। वह कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की प्रदेश इकाई के 30वें वार्षिक सम्मेलन ‘कार्डिकोन-2025’ में मुख्य अतिथि पद से बोल रहे थे।
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शनिवार को ओरछा के होटल में सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. नागामलेश ने कहा कि नित नई विधियां सीखना और उस पर अमल करना सतत प्रक्रिया है। मरीजों के हित के लिए इलाज के और नए तरीके ढूंढने होंगे। उन्होंने हृदय प्रत्यारोपण पर भी चर्चा की। विशिष्ट अतिथि मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक सिंह ने कहा कि हृदय रोग से सभी को सजग रहने की जरूरत है। सीएमओ डाॅ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में सरकार की नई-नई योजनाएं चल रही हैं। सीएसआई यूपी चैप्टर सचिव प्रो. शरद चंद्रा ने वार्षिक आख्या प्रस्तुत की। सीएसआई यूपी अध्यक्ष प्रो. नवीन गर्ग ने अध्यक्षीय भाषण दिया। साइंटिफिक कमेटी के चेयरमैन डॉ. अजय कुमार पांडेय ने सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों की रूपरेखा प्रस्तुत की। आयोजन सचिव डाॅ. निर्देश जैन ने हृदय रोग विशेषज्ञों का आभार जताया। संचालन पदमनाभन ने किया। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान डाॅ. पंकज मनोरिया, डाॅ. आरसी अरोरा, डाॅ. डीएन मिश्रा, डाॅ. पीके जैन, डाॅ. नवनीत अग्रवाल, डाॅ. कुलदीप चंदेल, डाॅ. एनएस सेंगर, डाॅ. प्रवेश विश्वकर्मा आदि रहे।
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