झांसी। अब झांसी रीजन के यात्रियों के लिए अपनी मंजिल पर पहुंचने के लिए बस अड्डों पर देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के झांसी रीजन को मुख्यालय से 32 नई बसें मिली हैं, जिनमें 15 लोहिया, सात रैपिड़ तथा शेष अन्य बसें हैं। यह बसें जल्द ही ग्रामीण क्षेत्र के अलावा अन्य दूरस्थ जिलों के लिए फर्राटा भरेंगी।
झांसी रीजन के लिए एक बड़ी उपलब्धि माने जा रहे इस आवंटन पर आरएम डीवी सिंह ने बताया कि अभी तक सात रैपिड नॉन स्टाप बसें तथा आठ अन्य बसें विभाग को प्राप्त हो चुकी हैं। शेष गाड़ियां दो दिन में मिल जाएंगी। उनके अनुसार जल्द ही लोहिया बसों को परिक्षेत्र के सभी दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में संचालित कराया जाएगा। इसके अलावा सात रैपिड नॉन स्टाप बसों में चार झांसी से तथा तीन उरई से चलेंगी। यह कानपुर, लखनऊ आदि महानगरों की यात्रा के लिए लोगों को उपलब्ध होंगी। मुख्यालय से नई बसें मिलने से यात्रियों को अब बस अड्डों पर बसों का देर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि झांसी रीजन में लगभग 170 बसों का बेड़ा है, जिनमें 25 लोहिया बसें भी शामिल हैं।
झांसी, ललितपुर, जालौन के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुविधा बेहतर बनाने के लिए कई मर्तबा रीजन द्वारा मुख्यालय से बसों की डिमांड की जाती रही है। इनमें लोहिया बसें प्रमुख हैं। क्योंकि कम किराए के चलते इन बसों ने ग्रामीणों के मध्य खासी पहचान बना ली थी। वहीं, रैपिड नॉन स्टाप बसें पवन सेवा बसों की तर्ज पर चलाई जा रही हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार संभव है कि इन बसों की संख्या 32 से 40 भी हो सकती है।
ड्राइवरों की कमी बढ़ाएगी परेशानी
भले ही रोडवेज के कुनबे में बसों क ी संख्या में इजाफा हो रहा हो। लेकिन, विभाग ड्राइवरों की कमी की से जूझ रहा है। विभाग के अनुसार उसके यहां अभी तक स्थाई व संविदा पर लगभग 230 ड्राइवर हैं और करीब 90 से ज्यादा ड्राइवरों की जरूरत है। ऐसे में बसों के संचालन में मुश्किल हो सकती है।