विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशी अपनी मर्जी से झंडे का आकार तय नहीं कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने झंडे का साइज तय कर दिया है। उल्लंघन पर चुनाव आचार संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव में प्रत्याशियों के बीच पोस्टर, बैनर और झंडा लगाने की होड़ मचती है। बड़े झंडे लहराकर माहौल बनाने की कोशिश होती है। निर्वाचन आयोग का मानना है कि ये फिजूलखर्ची है। इसीलिए इस बार झंडे का साइज तय कर दिया है। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी का झंडा दो फुट चौड़ा और एक फुट लंबा नहीं होगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि यदि किसी प्रत्याशी ने इसका उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ अचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाएगा।
टोपी पर छूट, साड़ी और स्वेटर घूस
विधानसभा चुनाव में टोपी का क्रेज रहता है। कार्यकर्ता टोपी लगाकर प्रचार करते हैं। यह टोपी राजनीतिक दलोें की शान मानी जाती है। यदि टोपी पार्टी की तरफ से बांटी गई है और चुनाव में पार्टी कार्यकर्ता उसका प्रयोग कर रहे हैं तो कोई बात नहीं। लेकिन यदि टोपी पर किसी प्रत्याशी का नाम लिखा है तो उस टोपी को प्रत्याशी के खर्च में जोड़ा जाएगा। प्रत्याशी को टोपी का हिसाब-किताब चुनावी ब्योरा में रखना पड़ेगा। साड़ी अथवा स्वेटर बांटे जाते हैं तो प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता का मामला दर्ज किया जाएगा।