बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में हालत जस के तस हैं। न विद्यार्थियों को शिक्षा लेने की इच्छा है और ना ही शिक्षकों को देने की मंशा। बुधवार को एडी बेसिक ने बड़ागांव ब्लाक के आधा दर्जन सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। उन्हें दो स्कूल बंद मिले, जबकि अन्यों में न तो उन्हें शिक्षक मिले और न ही विद्यार्थियों की ठीकठाक उपस्थिति। उन्होंने एक शिक्षक के स्थानांतरण, तीन के वेतन रोकने की संस्तुति की तथा तीन शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा।
एडी बेसिक नजरूद्दीन अंसारी ने बताया कि बुधवार को उन्होंने बरुआसागर के प्राथमिक विद्यालय उर्दू मीडियम को जांचा। यहां 74 विद्यार्थियों में से सिर्फ 14 ही मौजूद मिले। विद्यालय में ही प्राथमिक विद्यालय नवीन के संचालित होने का तथ्य इस दौरान उनसे छिपाया गया। उन्होंने शिक्षक अरविंद कुमार को तथ्यों के छिपाने, निरीक्षण कर रहे अधिकारी को गुमराह करने व अनुपस्थित स्टाफ को संरक्षण देने पर उनके प्रशासनिक स्थानांतरण के लिए पत्रावली तलब की है। वहीं शिक्षिका मंजू पांडेय का एक दिन का वेतन रोकने को कहा।
उन्हें प्राथमिक विद्यालय बरेठी, प्राथमिक विद्यालय कोठी तालरमन्ना बंद मिला। गांव वालों ने बताया कि स्कूल 9 से 10 बजे खुलता है। उन्होंने बीएसए क ो निर्देश दिए कि दोनों स्कूलों की शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण लें। पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरपुरा में 106 विद्यार्थियों में से 25, प्राथमिक विद्यालय हरपुरा में 106 में से 37 विद्यार्थी मिले। पूर्व माध्यमिक विद्यालय बनगुवां में 116 विद्यार्थियों पर छह शिक्षिकाएं और तीन अनुदेशक कार्यरत मिले। लेकिन यहां शैक्षिक गुणवत्ता बेहद खराब मिली। ऐसे में शिक्षिकाओं ममता याज्ञिक, सरोज व सुनीता आर्या से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें आदर्श प्राथमिक विद्यालय में बरामदे की छत क्षतिग्रस्त मिली। जिन्हें सुधारने और अनुपस्थिति शिक्षकों अनिल कुमार, रश्मि सिंह के वेतन रोकने के निर्देश दिए।