कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी बनाने के बाद पहली बार झांसी आने पर नारायण दत्त तिवारी का यहां जोरदार स्वागत हुआ था। यहां उनका खून से तुलादान किया गया था। बाजार में रोड शो के दौरान व्यापारियों ने उनका स्वागत जगह-जगह नए बर्तनों को सजाकर किया था। इस दौरान भीड़ भी खूब उमड़ी थी। कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा भी उनके साथ हो लिया था। यह सब देखकर तिवारी ने लोकसभा का अगला चुनाव यहां से लड़ा था। वह यहां से अपनी जीत पक्की मानकर चल रहे थे। लेकिन, यह हो नहीं पाया। चुनाव परिणाम एकदम उलट आया। तिवारी चुनाव तो हार ही गए, साथ ही वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए थे।
उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके नारायण दत्त तिवारी ने नब्बे के दशक में कांग्रेस से विद्रोह कर अपनी पार्टी अखिल भारतीय इंदिरा कांग्रेस (तिवारी) का गठन किया था। उनकी पार्टी में झांसी और ललितपुर के कांग्रेसियों का बड़ा धड़ा शामिल हो गया था। नई पार्टी के गठन के बाद नारायण दत्त तिवारी जब पहली बार झांसी आए थे, तो उनके स्वागत में यहां किले के मैदान में जनसभा का आयोजन किया गया था। यहां उनका समर्थकों ने खून से तुलादान किया था। लगभग दो सौ समर्थकों ने रक्तदान किया था और बाद में यह खून एक रक्त केंद्र को सौंप दिया गया था।
इसके बाद तिवारी ने झांसी शहर में रोड शो भी किया था, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी थी। बाजार में जगह-जगह उनका भव्य स्वागत हुआ था। यहां तक कि व्यापारियों ने उनके स्वागत में अपनी दुकानों के बाहर नए-नए बर्तन तक सजा दिए थे। यह देखकर नारायण दत्त तिवारी गद-गद हो गए थे। लोगों से मिल रहे अपार समर्थन को देख तिवारी ने झांसी-ललितपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने का मन बना लिया था और साल 1996 के लोकसभा चुनाव में वे यहां से उतर गए थे।
चुनाव के दौरान हुईं रैलियों और जनसभाओं में स्थानीय लोगों की भीड़ भी खूब उमड़ी थी। इससे तिवारी और उनके समर्थक चुनाव में जीत पक्की मानकर चल रहे थे। लेकिन, परिणाम बेहद निराशाजनक आए थे। जीत भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्निहोत्री के खाते में गई थी। जबकि, एन डी तिवारी पांचवें नंबर पर रहे थे और वे अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए थे। बसपा, सपा और कांंग्रेस के प्रत्याशी भी उनसे आगे थे। हालांकि, उस चुनाव में वह नैनीताल सीट से जीतने में कामयाब हो गए थे। इसके बाद वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी बने थे।
यह रहा था 1996 का चुनाव परिणाम
पार्टी प्रत्याशी वोट मिले वोट प्रतिशत
भाजपा राजेंद्र अग्निहोत्री 1,63,836 24.45
सपा हरगोविंद कुशवाहा 1,34,152 20.02
बसपा छंगा प्रसाद साहू 1,30,281 19.44
कांग्रेस सुजान सिंह बुंदेला 1,14,374 17.07
तिवारी कांग्रेस नारायण दत्त तिवारी 68,064 10.16