झांसी। कोरोना वायरस के कारण मंदिरों के पट बंद है। लेकिन मां जगदंबा की भक्ति में श्रद्धालु विभोर है। घरों में भक्त मातारानी के स्वरूपों की नियमित आराधना कर रहे है। अभिषेक, श्रृंगार व आरती कर सुबह - शाम प्रसाद अर्पण कर रहे है।
चैत्र की नवरात्र में मां दुर्गा के स्वरूपों की आराधना का बड़ा महत्व है। सोमवार को षष्ठी पर भक्तों ने मां कात्यायनी और माता दुर्गा के स्वरूपों की विधिवत पूजा अर्चना की। प्रज्वलित अखंड ज्योति व घट के समक्ष दुर्गा चालीसा, श्री दुर्गा सप्तशती आदि का पाठ किया। हवन में आहुतियां अर्पित की। दिन भर व्रत रखा और शाम को पूजा अर्चना के बाद व्रत को खोला। मंदिरों के पट बंद होने के कारण इन दिनों घरों में ही भक्तों द्वारा विशेष पूजा अर्चना की जा रही है। शहर की प्रत्येक मुहल्ले में पूजा दौरान शंख व घंटों की गूंज सुनाई दे रही है। वहीं चैत्र नवरात्र की अष्टमी का पर्व बुधवार एक अप्रैल को मनाया जाएगा। धर्माचार्य हरीओम पाठक ने बताया कि श्रद्धालु अष्टमी की पूजा घर के पूजा स्थल पर करें। मां दुर्गा का आह्वान कर उन्हें प्रसाद अर्पण करे और हवन के बाद व्रत का परायण करे।