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Jhansi News: फिर रूठी कुदरत... बारिश और ओलों ने बर्बाद की किसानों की मेहनत

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- रक्सा, रानीपुर समेत झड़ गईं गेहूं की बालियां
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कुदरत ने एक बार फिर किसानों से रूठ गई। शनिवार शाम को करीब एक घंटा हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत को बर्बाद कर दिया। बारिश और ओले गिरने से जिले के तमाम इलाकों में फसल भीग गई। खासतौर पर झांसी सदर तहसील के लगभग 15 से अधिक गांवों में खेतों में रखी गेहूं की फसल पानी में डूब गई। वहीं कई जगह बालियां झड़ गईं। इसके अलावा सब्जियों को भी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
शनिवार शाम पांच बजे आसमान में अचानक घने काले बादल छा गए और तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। इस बीच ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। रक्सा क्षेत्र के डोमागोर, ढिकौली, पुनावली कलां, गेवरा, नयाखेड़ा, कोटखेड़ा समेत 15 से अधिक गांवों में तकरीबन 15 मिनट तक बड़े-बड़े ओले गिरे। इस दरम्यान तमाम किसान अपने खेतों में गेहूं की फसल की कटाई कर रहे थे, जबकि खेतों में फसल कटी हुई रखी हुई थी। बारिश और ओलावृष्टि से फसल भीग गई और उनकी बालियां भी झड़ गईं। इसके अलावा रबी की फसल की कटाई के बाद कई किसानों ने अपने खाली खेतों में सब्जी उगाई थी, जो बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खराब हो गई।
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वहीं रानीपुर, बंगरा और गरौठा में भी बारिश और ओलावृष्टि हुई। बारिश की वजह से जिन किसानों ने गेहूं की मढ़ाई के लिए खलिहान में रखा था, वह भीग गया। तेज आंधी में भूसा उड़ गया। रानीपुर समेत आसपास के इलाकों में करीब एक घंटे बारिश हुई। गरौठा में किसान आंधी-बारिश की वजह से परेशान हो गए। खेत में पड़ा भूसा तेज आंधी से उड़ गया। बंगरा में भी आंधी-बारिश से किसानों को परेशानी हुई।
प्रशासन की ओर से फसलों को हुए नुकसान के आकलन के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 33 प्रतिशत से अधिक क्षति सामने आने पर प्रभावित किसानों को मुआवजा व फसल बीमा का लाभ दिलाया जाएगा।
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83 करोड़ में से अभी 30 करोड़ बंटा मुआवजा
दो मार्च को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने जिले में खूब ढहर खाया था। झांसी सदर, मोंठ और मऊरानीपुर तहसील में 50,927 हेक्टेअर जमीन पर लगी फसल खराब हो गई थी। तीनों तहसील के 145 गांवों के 68,599 किसानों की मेहनत और लागत पर कुदरत ने पानी फेर दिया था। इन किसानों को 83 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई थी। लेकिन, अब तक तीस करोड़ पचास लाख रुपये ही मुआवजा बांटा जा सका है। इसके अलावा प्रभावित किसानों को 10 करोड़ रुपये बीमा क्लेम दिलवाया गया है।
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दो माह में चौथी बार सितम
पिछले दो माह के दरम्यान तीन बार ओलावृष्टि हो चुकी है। 21 फरवरी को बारिश के साथ बंगरा और मऊरानीपुर ब्लॉक के कई गांवों में ओलावृष्टि हुई थी। इसके बाद 27 फरवरी को बबीना, मोंठ, पूंछ और मऊरानीपुर ब्लॉक के दर्जनों गांवों में ओलावृष्टि हुई थी। जबकि, दो मार्च को भी कुदरत ने खूब कहर ढाया था। अब शनिवार को एक बार फिर मौसम ने किसानों से मुंह फेर लिया।
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शनिवार की शाम हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। इसके निर्देश जारी कर दिए गए है। नुकसान सामने आने पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा व बीमा क्लेम उपलब्ध कराया जाएगा। - वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)
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