संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पर्यावरण के अनुकूल खादी प्राकृतिक पेंट पहली बार तैयार होने जा रहा है। इसमें मुख्य कच्चा माल गाय का गोबर और मूत्र होगा। गाय के गोबर को संशोधित करके डिस्टेंपर और इमल्शन पेंट बनाया जाएगा। इसके लिए आधुनिक मशीनों की खरीद पूरी होने के बाद उसका ट्रायल किया जाना है।
इस खास पेंट को बनाने के लिए चिरगांव विकासखंड में स्थित गोशाला के गोबर और मूत्र का इस्तेमाल किया जाएगा। ग्राम गुलारा में 50 समूह की 20-20 महिलाओं का एक ग्रुप तैयार किया गया है। इन समूह की महिलाओं ने गोशाला में प्लांट लगवाया है।
पेंट के फायदे
दावा किया गया है कि यह पेंट पर्यावरण पूरक, जीवाणु रोधक, एंटीफंगल, भारी धातुओं से मुक्त, गंधहीन, उष्णता रोधक, विषरहित एवं किफायती है। इसके अलावा यह बाहरी गर्मी को भी रोकता है।
ऐसे होगा तैयार
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त (स्वत: रोजगार) बीआर आंबेड ने बताया कि गोबर को पहले मशीन में पानी के साथ अच्छे से मिलाया जाएगा, फिर इस मिले हुए घोल से गोबर के फाइबर और तरल को डी-वाटरिंग मशीन के मदद से अलग किया जाएगा। इसके बाद तैयार तरल को 100 डिग्री सेल्सियस पर गर्म कर उसका अर्क बनाएंगी। इसे पेंट के बेस की तरह इस्तेमाल किया जाएगा।