26 मई को जमीनी विवाद के दौरान गोली चलने से उनकी पत्नी सुखमारी की मौत हो गई थी, जबकि कंधे में गोली लगने से पति नारायण सिंह घायल हो गए थे। उन्हें मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में तीसरी मंजिल पर बने सर्जरी वार्ड में भर्ती करवाया गया था। बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह वे बाथरूम करने के लिए वार्ड के शौचालय में गए थे। वहां खिड़की से नीचे कूद गए। बेटे बृजेंद्र सिंह ने बताया कि आज मां की तेरहवीं थी। इसलिए रविवार शाम को घर चले गए थे। वार्ड में फूफा और एक सिपाही थे।
सिपाही ने बताया कि सुबह लगभग तीन बजे की बात है। नारायण बाथरूम करने गए थे। 15 मिनट तक बाहर नहीं आए तो जाकर देखा, तब वे बाथरूम में नहीं मिले। वार्ड से लेकर पूरी बिल्डिंग में तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। तब पुलिस को सूचना दी गई और मेडिकल कॉलेज के सिक्योरिटी गार्डों को बताया गया। करीब एक घंटे बाद पता चला कि बाथरूम की खिड़की के नीचे नारायण सिंह घायल अवस्था में पड़े हैं। तब उनको इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया।
बेटा बृजेंद्र सिंह का कहना है कि हत्या की घटना को नौ दिन होने के बावजूद अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। पांच आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मां की हत्या में पिता इकलौते चश्मदीद गवाह हैं। गांव में जमीन को लेकर पिछले 10 साल से रंजिश चल रही थी। कटेरा थाना प्रभारी कौशल किशोर मिश्रा का कहना है कि बुजुर्ग का इलाज चल रहा है।