फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गर्मी में पानी याद दिलाएगा नानी

Sun, 26 Feb 2017 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
गर्मी में पानी याद दिलाएगा नानी - फोटो : demo
विज्ञापन
गर्मी के दौरान इस बार भी पानी की सप्लाई के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। लोगों को बड़ा संकट झेलना पड़ सकता है। पिछले साल भी गर्मी में पानी की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो सकी थी। खासतौर पर पीने के पानी का जबर्दस्त संकट था। इससे भी जलसंस्थान और जल निगम ने सबक नहीं लिया।
विज्ञापन

जल निगम बबीना जल शोधन संयंत्र के जरिए सात करोड़ लीटर (70 एमएलडी) पानी नगर में सबसे पहले नगरा एवं पुलिया नंबर नौ जोन में पहुंचता है, इसके बाद तालपुरा जोन, सागर गेट जोन और पुराना मोटर स्टैंड जोन और फिर खातीबाबा, सीपरी, मसीहागंज, सिविल लाइन, आयुर्वेदिक कॉलेज व खंडेराव गेट जोन तक पहुंचता है। इसके अलावा जल संस्थान द्वारा पहूज बांध से दस एमएलडी कच्चा पानी प्राप्त कर बाहर दतिया गेट स्थित जलकल संस्थान में शुद्ध होने के बाद नरसिंह राव टौरिया व दरीगरान जोन को उपलब्ध कराया जाता है। पिछले तीन दशकों से इसी व्यवस्था के तहत शहर में पानी की सप्लाई की जा रही है। जबकि, इस दौरान महानगर क्षेत्र का पच्चीस प्रतिशत से अधिक विस्तार हो चुका है। महानगर के विस्तार के साथ पेयजल पहुंचाने के संसाधन व व्यवस्थाएं नहीं बढ़ाए जाने के कारण अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
पिछले साल महानगर सहित पूरे जिले में पानी के संकट से लोग परेशान हो गए थे, लेकिन इस बार भी जल निगम और जल संस्थान के अफसरों ने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।
विज्ञापन



‘जलापूर्ति पर बराबर निगरानी की जा रही है। जिन इलाकों में ज्यादा दिक्कत होगी, वहां अप्रैल टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई किया जाएगा। समस्या का स्थायी समाधान तो तभी होगा, जब पेयजल महायोजना का काम पूरा हो जाएगा। इसमें वक्त लग सकता है।
- आरएस यादव, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।

इन इलाकों में घोर संकट
सबसे प्रभावित तालपुरा जोन से जुड़ा तालपुरा, हैवट मार्केट, कसाई मंडी, शिवाजी नगर, बड़ागांव गेट बाहर नारायण बाग चौराहे तक का क्षेत्र है। मास्टर कॉलोनी, वर्मा कॉलोनी, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, अन्न पूर्णा कॉलोनी व शिवाजी नगर के अंतिम छोर तक पानी पहुंच भी नहीं पाता है। इसके अलावा सिलवटगंज, गढ़ियागां, प्रेमनगर, हलहरगिर्द, आईटीआई, सिद्धेश्वर नगर, करगुवांजी, पिछोर, गुमनावारा, महाराणा प्रतापनगर, मयूर विहार कॉलोनी सराय, सिलवटगंज, डड़ियापुरा, मद्रासी कॉलोनी, सत्यम कॉलोनी, भगवंतपुरा, कोछाभांवर, सिमरधा, गढ़िया गांव, वीरांगना नगर, पाल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अलीगोल, मेवातीपुरा, बाहर उन्नाव गेट, मुकरयाना, मैला की टौरिया, मसीहागंज, लहरगिर्द, करारी, राजपूत नगर शामिल हैं।


शारदा हिल्स कॉलोनी में सिर्फ 15 मिनट सप्लाई 
अमर उजाला ब्यूरो 
झांसी। 
महानगर के बीचों बीच आंतिया तालाब के नजदीक बसी शारदा हिल्स कॉलोनी में अभी से जल संकट शुरू हो गया है। यहां सुबह और शाम सिर्फ 15-15 मिनट ही पानी की आपूर्ति हो रही है। लोग परेशान हैं पर कोई सुनने वाला नहीं है।

कम पानी में ऐसे चलाते हैं काम

कपड़े धोने के बाद टॉयलेट में इस्तेमाल 
15 मिनट की जलापूर्ति में जितनी टंकी भर पाती है। उतने में ही काम चलाना पड़ता है। कपड़ों धोने के बाद वही पानी टॉयलेट में इस्तेमाल करना पड़ता है।
ज्योति साहू


बर्तन धोने के बाद पौधों में 
बर्तन धोने के बाद पानी फेंकते नहीं है। उससे दोबारा फिर बर्तन धोते हैं। इसके बाद उसे पौधों में डाल देते हैं और इस तरह पानी का बेहतर इस्तेमाल करते हैं। यह पानी पौधों के लिए ज्यादा उपयोगी होता है। 
दीपांजलि सरवरिया 

रिश्तेदारों को नहीं बुलाते 
गर्मियों में खुद के लिए पानी पूरा नहीं पड़ता है। ऐसे में अगर कोई रिश्तेदार उनके घर आना चाहता है तो उसे साफ इंकार कर देते है। उनका फोन तक अटेंड नहीं करते। 
प्रीति खरे


पानी की बचत करते हैं
कपड़े उसी दिन धोते हैं, जिस दिन ज्यादा पानी उपलब्ध होता है। एक जोड़ी कपड़े कई दिन तक पहनना मजबूरी है। जल संस्थान को कई बार समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस है। 
सचिन कुमार 


खरीदते हैं पानी 
गर्मी में पांच सौ रुपये खर्च करके एक टैंकर पानी मंगवाना पड़ता है। लगता है इस बार भी घर तक पानी नहीं आएगा। टैंकर मंगवना पड़ेगा। टैंकर का पानी चढ़ाने में बिजली भी खर्च होती है। 
शशि प्रभा 

होली नहीं खेल पाते 
होली से पहले ही कॉलोनी में हर बार जलसंकट शुरू हो जाता है। इस कारण होली नहीं खेलते, क्योंकि रंग छुड़ाने के लिए पानी चाहिये। कॉलोनी में सन्नाटा पसरा रहता है। 
विज्ञापन

शशि लता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें