झांसी विकास प्राधिकरण ने कॉलोनी बनाने के लिए करारी में नगर निगम की पचास एकड़ जमीन को फाइनल किया है। शनिवार को जरीब डालकर जमीन की नाप पूरी की गई। नपाई के दौरान नगर निगम की दस एकड़ जमीन पर कब्जे मिले। अफसरों ने चिह्नित भूमि पर किसानों से बुआई न करने को कहा है। नपाई के बाद जमीन जेडीए को देेने का प्रस्ताव सदन की बैठक में लाया जाएगा। प्रस्ताव पास होने के बाद जमीन हस्तांतरित कर दी जाएगी, जिसका सर्किल रेट के हिसाब से जेडीए भुगतान करेगा।
जेडीए के पास जमीन का अभाव है। नगर निगम की करारी में काफी जमीन पड़ी है। इस जमीन को जेडीए ने लेने पर सहमति व्यक्त कर दी है। शनिवार को जमीन की नापजोख की गई। संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद, मानचित्रकार केपी सिंह, लेखपाल अरविंद मिश्रा और करारी के लेखपाल राजकुमार प्रजापति की टीम ने जरीब डालकर नापजोख की। पहले विभाग का अनुमान था कि वहां पर 55 एकड़ जमीन है, लेकिन अब 50 एकड़ से अधिक जमीन चिह्नित कर ली गई। इसके अलावा दस एकड़ जमीन पर आसपास के किसानों के कब्जे पाए गए हैं। किसानों ने खेतों की जुताई कर ली थी। बुआई की तैयारी चल रही थी, लेकिन टीम ने जाकर उन्हें मना कर दिया कि अब बुआई न करें।
संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद ने बताया कि अब पूरी जमीन पर पत्थर लगाकर मार्किंग की जाएगी। इसके बाद सर्किल रेट के आधार पर जेडीए को कुल जमीन की कीमत बताई जाएगी। सदन से पास होने के बाद शासन से स्वीकृति मांगी जाएगी। स्वीकृति मिलने पर जेडीए सर्किल रेट के आधार पर नगर निगम को पैसा देकर जमीन अपने कब्जे में ले लेगा।