खुद की गलती सुधारेगा नगर निगम
झांसी। भांडेरी गेट से उनाव गेट की ओर बहने वाले नाले के ऊपर से ढहाए गए परकोटे के हिस्से का निर्माण जल्द शुरू होगा। अभियंत्रण विभाग ने इसका एस्टीमेट तैयार कर लिया है। जल्द ही टेंडर निकालकर पुन: निर्माण शुरू कराया जाएगा।
महानगर के भांडेरी गेट से उनाव गेट की ओर नटवली नाला बहता है। इस नाले के बीच में परकोटे की दीवार थी। पूर्व में परकोटे को क्षति पहुंचाए बगैर नाले के बहाव के लिए उसके कुछ हिस्से को नीचे से काटा गया था। बरसात में उसमें कचरा फंस जाने के कारण समस्या होती थी। निस्तारण के बजाए नगर निगम ने मई में जेसीबी से नाले के ऊपर के परकोटे के एक हिस्से को गिरा दिया था। क्षेत्रवासियों ने नगर निगम की इस कार्रवाई का विरोध किया था पर उनकी एक नहीं सुनी गई। पार्षद सुलेमान मंसूरी ने आरोप लगाया था कि नगर निगम के ऊंचे पद पर बैठे रसूखदारों के संरक्षण में भूमाफियाओं को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से यह काम हुआ। पार्षद का यह भी आरोप था कि भांडेरी गेट को ढहाने की योजना बनाई गई। अमर उजाला ने इस मामले को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया। हालांकि, इसका एस्टीमेट तैयार होने में लगभग तीन महीने लग गए। दो लाख रुपये से इसका निर्माण कराया जाएगा। एस्टीमेट का अनुमोदन होते ही टेंडर निकाले जाएंगे। इसके बाद वर्कऑर्डर जारी कर निर्माण शुरू कराया जाएगा।
1796 से 1814 के बीच बना था
झांसी राज्य क ी स्थापना के साथ ही मराठाओं ने सन 1796 से 1814 के मध्य लगभग 7.3 किलोमीटर की परिधि में नगर परकोटा और उसके गेटों का निर्माण कराया गया था।
परकोटे का एस्टीमेट तैयार हो गया है। जल्द ही टेंडर निकालकर वर्कऑर्डर जारी किया जाएगा। इसके बाद निर्माण शुरू होगा। - रामतीर्थ सिंघल, महापौर।