झांसी। नगर निगम की कर्मशाला एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वार्ड नंबर 50 के पार्षद ने नगर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने नगर निगम की कर्मशाला में आउटसोर्स कर्मियों को महत्वपूर्ण काम सौंपने को लेकर जांच की मांग की है।
पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार ने कहा कि नगर निगम के पास नियमित कर्मचारियों की फौज है, लेकिन कर्मशाला में आउटसोर्स कर्मियों को कर्मशाला का लेखाजोखा संभालने का काम दिया गया है। सफाई कर्मचारी बाबू और लेखाकार का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मशाला में महीनों तक वाहनों की मरम्मत नहीं की जाती। जबकि पुर्जों और मशीनों के नाम पर लाखों रु पये कागजों में दर्शाए जा रहे हैं। मरम्मत न होने से वाहन एक साल में ही कंडम होने की स्थिति में पहुंच जाते हैं। कर्मशाला में गाड़ियों की मरम्मत के लिए उपकरणों की सप्लाई सालों से एक ही व्यक्ति से कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मशाला में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को अधिकारियों का संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों का तबादला कर नियमित कर्मचारियों को जिम्मा सौंपा जाए। साथ ही, कमेटी बनाकर जांच कराई जाए। उन्होंने नगर आयुक्त से मामले में संज्ञान लेकर जांच की मांग की है।