झांसी। राजकीय संग्रहालय में शुक्रवार को मिल्लत एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में अल्पसंख्यक शिक्षा सम्मेलन एवं मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मेधावी छात्रों को शील्ड, मेडल व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भारत सरकार के सदस्य प्रवीण डावर ने कहा कि यूपी में सबसे अधिक अल्पसंख्यक मुस्लिम हैं। यहां उनकी आबादी करीब तीन करोड़ है। मगर उन्हें नहीं मालूम कि भारत सरकार अल्पसंख्यकों के लिए कौन-कौन सी योजनाएं चला रही हैं।
उन्होंने प्री मैट्रिक, मैरिट कम्यूनिस्ट योजना के बारे में बताया। कार्यक्रम संयोजक मौलाना फिरोज ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अल्पसंख्यकों में सबसे ज्यादा मुस्लिम पिछड़े हैं। वर्तमान में समाज में सर्वजातीय सद्भावना राष्ट्रीय एकता एवं भाईचारा को बढ़ावा देने की जरूरत है।
हाजी अशफाक खान ने कहा कि शिक्षा जगत में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। कार्यक्रम में प्रोफेसर जेड सिद्दीकी, हाजी मोहम्मद उस्मान, लतीफ अहमद, जीएस सलूजा आदि ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर अब्दुल अलीम मंसूरी, तालिब खान, रियाज खान, अयाज खान, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद अकरम, शायर सरफराज मासूम आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद आरिफ खान व आभार मोहम्मद अली सिद्दीकी ने व्यक्त किया।