झांसी। 4 फरवरी की शाम विशाल आखिरी बार घर से निकला था। जाते-जाते मां से बोलकर गया था कि मां तेरे साथ ही खाना खाना खाऊंगा, मैं बस लौटकर जल्दी घर आता हूं। दोस्त का कॉल आने के बाद जल्दबाजी में घर से निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। बृहस्पतिवार सुबह मौत की खबर मिलते ही पूरा परिवार सुधबुध खो बैठा। परिजनों ने दोस्त पर ही हत्या का आरोप लगाया है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिजौली क्षेत्र में रहने वाले विक्रम अहिरवार ग्वालियर में सीमेंट की रेलिंग बनाने का काम करते हैं। उनका छोटा पुत्र विशाल अहिवार (16) इलाके के ही श्याम करन इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र था। 4 फरवरी की शाम कोचिंग से लौटकर वह घर में था। इसी दरम्यान मोबाइल पर एक दोस्त का फोन आया। आनन-फानन में वह तैयार होकर घर से चल दिया। जाने से पहले उसने मां से कहा कि मैं दोस्त से मिलने जा रहा हूं, जल्दी आकर तेरे साथ खाना खाऊंगा। शाम करीब छह बजे घर से निकलने के बाद वह घर नहीं लौटा। देर रात घर न लौटने पर बड़े भाई राहुल ने बार-बार फोन लगाया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। 4 फरवरी की पूरी रात परिजन जागकर इंतजार करते रहे, लेकिन विशाल का पता नहीं चला।
5 फरवरी की सुबह विशाल के लापता होने की खबर मिलते ही उसके पिता व अन्य रिश्तेदार भी घर पहुंचे। परिजनों ने प्रेमनगर पुलिस को खबर दी गई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी, लेकिन पता नहीं चला। मौके पर पहुंचे परिजनों ने दोस्त पर ही हत्या का आरोप लगाया। बृहस्पतिवार सुबह पुलिस जांच में लगी थी। इसी बीच रेलवे के एसी शेड के पीछे पटरियों के पास रेलवे मैदान में एक किशोर की लाश पड़ी मिली। सिर पर पत्थर पटककर घटना को अंजाम दिया गया। खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी।
खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। यहां विशाल की लाश देखकर कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे रिश्तेदार व अन्य लोग समझाने में लग गए। फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए। एसएसपी डी प्रदीप कुमार, एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी, एएसपी केवी अशोक ने पहुंचकर घटना की जानकारी ली। एसएसपी ने घटना के खुलासेे के लिए दो टीमें गठित कर दी हैं। देर रात पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी रही।
साहब, हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं
घटनास्थल पर एसएसपी को देखकर पिता हाथ जोड़कर रोने लगे। पिता ने कहा कि साहब हमारी व हमारे बेटे की किसी से कोई दुश्मनी नहीं। आखिरकार इन्होेंने मेरे पुत्र को क्यों मार डाला, हम नहीं जानते। आप इनको कड़ी से कड़ी सजा जरुर दिलाना। एसएसपी ने हर संभव कार्रवाई का आश्वासन देकर दिलासा दी।
शराब पीने के बाद हुई घटना
घटनास्थल से चंद कदम की दूरी पर शराब व पानी के पाउच पडे़ हुए थे। इससे साफ है कि हत्यारे भी विशाल को अच्छी तरह से जानते हैं। शराब पीने के बाद ही घटना को अंजाम दिया गया।
दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी
परिजनों ने एक दोस्त पर ही हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कुछ जानकारियां भी पुलिस को मिली हैं। घटना में कुछ और लोग भी शामिल हैं। जिनके नाम सामने आने लगे हैं।
मोबाइल व बाइक भी नहीं मिली
घर से जाते समय मृतक अपनी बाइक पर सवार होकर घर से निकला था। मोबाइल भी लिए थेे। पुलिस को न तो मोबाइल और न ही बाइक मिली। घटना के बाद पुलिसकर्मी आसपास के इलाकों में खोजबीन करते रहे। आसपास लगी झाड़ियों में भी सुबूत तलाशे गए।
टिकटॉक बनाकर निकला था घर से
रिश्तेदारों के मुताबिक विशाल टिकटॉॅक बनाने का भी शौकीन था। 4 फरवरी को घर से निकलने से पहले भी उसने मोबाइल से टिकटॉक बनाया था।