प्रधानी चुनाव की रंजिश में उतारा था मौत के घाट
झांसी/लखनऊ। प्रधानी चुनाव को लेकर रंजिश में अपने विरोधी पूर्व प्रधान पप्पू उर्फ राजेश पटेल का अपहरण कर मौत केे घाट उतारा था। वह बीते अप्रैल माह से फरार चल रहा था। इस अपराध में आरोपी चरन सिंह उर्फ चंदन सिंह पटेल के आठ साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी पर जिले में 34 आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
एसएसपी डॉ.ओपी सिंह ने बताया कि एसटीएफ के एसएसपी राजीव नारायण मिश्र ने नेतृत्व मेें फरार चल रहे इस इनामी की तलाश की जा रही थी। इस काम में एसटीएफ की कानपुर इकाई को भी लगाया गया था। इसी कवायद में यह जानकारी मिली थी कि वांछित अपराधी चरन सिंह उर्फ चंदन सिंह थाना टहरौली के बघेरा गांव में मौजूद है। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को धर दबोचा। अप्रैैल माह में अपने साथियों के साथ मिलकर राजेश का अपहरण कर टीकमगढ़ के जंगलों में ले गया। यहां हत्या कर शव गड्ढे में छिपाने लगा। गड्ढा छोटा पड़ जाने के बाद पैैरों को कुल्हाड़ी से काटकर अलग किया, इसके बाद शव व कटे हुए पैैर को गड्ढे में डालकर सभी भागकर गांव आ गए थे।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने लाश बरामद कर ली थी और आरोपी के सभी साथियों मानसिंह, दीपेश, रहीस, उदय सिंह उर्फ उद्धव, जाहर, रवींद्र उर्फ रब्बू, दीनदयाल उर्फ माते, व पाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी चंदन के फरार रहने के कारण उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ ने इस आरोपी को झांसी के टहरौली थाने में दाखिल कराया है।
आरोपी पर टहरौली में 25, टोेड़ीफतेहपुर व एरच में एक, सकरार में तीन व मोंठ व मऊरानीपुर में दो-दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपी ने अवैध कार्यों से संपत्ति भी बना ली थी। जिसे कुर्क कराया जाएगा। इसके अलावा, उसने कितनी संपत्ति पैदा की, इसकी भी जांच कराई जा रही है। टीम में एसटीएफ कानपुर इकाई के प्रभारी घनश्याम यादव, एसटीएफ के मुख्य आरक्षी रामदयाल पांडेय, टहरौली प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार अवस्थी, आरक्षी पुष्पेंद्र सिंह, आरक्षी राजकुमार, देवेश द्विवेदी, रामआसरे, हितेंद्र कुमार, शिवम अवस्थी, अंकित शर्मा व पर्वत सिंह मौजूद रहे।
नशीली दवा खिलाकर बेहोश कर दिया था पूर्व प्रधान को
एसटीएफ ने जब आरोपी से सख्ती से पूछताछ की तो चरन सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधानी चुनाव को लेकर उसका पप्पू पटेल से विवाद चल रहा था। उसने तीन अप्रैल 2019 को अपने आठ दोस्तों के साथ योजना बनाई और सुलह करने के बहाने से पप्पू पटेल को मध्यप्रदेश के दिगौड़ा के पास बैदपुर टीकमगढ़ बुलाया। वहां उसने पप्पू को बीयर में नशीली गोलियां मिला कर पिला दिया गया और जब वह बेहोश हो गया तो साथियों की मदद से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।
पेट्रोल डाल कर लगा थी आग
उसने बताया कि हत्या करने के बाद पप्पू की लाश की पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी थी। इसके बाद लाश को बैदपुरा जंगल मे गड्ढा खोदकर दबा दिया था। गड्ढा छोटा होने के कारण उसके पैर को कुल्हाड़ी से काटकर अलग कर दिया गया था।
वाट्सएप कॉल का करता था इस्तेमाल
पकड़ा गया अपराधी पुलिस से बचने के लिए तकनीक का भी उपयोग करता था। वह मोबाइल से इंटरनेट की वाट्सएप कॉल का उपयोग करता था, जिस कारण वह पुलिस के हाथ नहीं आ सका था। इसके बाद भी सर्वलांस टीम ने उसे पकड़वाने में महत्वपूर्र्ण भूमिका निभाई।
एनकाउंटर का भी था डर
आरोपी चरन सिंह का इलाके में खासा दबदबा है। पिछले साल गांव के ही रहने वाले राजेश उर्फ पप्पू से वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई थी। इसी दौरान चरन सिंह कोे भनक लगी कि राजेश पुलिस से उसका एनकाउंटर कराने की तैयारी में है। अंदरखाने यह रंजिश भी पनप रही थी।