- ओवरब्रिज पर लगी लाइटाें के रखरखाव की जिम्मेदार पालिका की, अफसर बोले- नहीं है जानकारी
- सेतु निगम के पत्र से हुआ खुलासा वर्ष 2020 में सौंपी थी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊरानीपुर। मऊरानीपुर के रेलवे लाइन पर बने ओवरब्रिज को सेतु निगम ने वर्ष 2020 में बनवाया था। इसके बाद ब्रिज पर लगीं स्ट्रीट लाइटाें की रखरखाव की जिम्मेदारी नगर पालिका को सौंपी गई थी, लेकिन आलम यह है कि डेढ़ साल से स्ट्रीट लाइट नहीं जल रही हैं, इनको सुधारने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है लेकिन उनके अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। ऐसे में यहां से गुजरने वाले राहगीर लाइट न होने से रात में हादसे का शिकार तक हो जाते हैं। वहीं, राहगीरों की समस्याओं को देखते हुए अमर उजाला ने भी 15 फरवरी के अंक में समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
रेलवे स्टेशन से सटे झांसी रोड पर बने ओवरब्रिज के ऊपर लगी लाइट के रखरखाव के लिए सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक प्रभाकर प्रसाद प्रजापति ने नगर पालिका को पत्र भेजकर 15.07.2020 को जिम्मेदारी सौंपी थी। इस पत्र को अधिशासी अधिकारी नगर पालिका ने 04.09.2020 को हस्ताक्षर कर रिसीव किया था। इसके बाद कुछ दिन तो व्यवस्था ठीक रही लेकिन बीते डेढ़ साल पहले किसी हादसे की वजह से इन लाइटों की आपूर्ति बंद कर दी गई थी, तबसे अबतक ये लाइट नहीं जल पाई हैं। वहीं, इस संबंध में ईओ नगर पालिका सर्वेश कुमार ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा था कि उक्त ओवरब्रिज की बिजली की व्यवस्था नगर पालिका को नहीं सौंपी गई है।
वहीं, सेतु निगम के डीपीएम एमएस चौहान ने पत्र की प्रति का हवाला देते हुए कहा कि उक्त ओवरब्रिज की व्यवस्था नगर पालिका मऊरानीपुर को पत्र के माध्यम से दिनांक 04.09.2020 को सौंपी गई थी, उक्त पत्र को ईओ नगर पालिका ने रिसीव किया था। ओवरब्रिज पर प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी नगर पालिका मऊरानीपुर की है।