झांसी। शासन की रोक के चलते झांसी नगर पालिका परिषद के चुनाव लगातार 12 सालों तक नहीं हुए थे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती बतौर प्रशासक की गई थी। वे ही पालिका की कमान संभाले रहे थे।
नगर पालिका परिषद के साल 1972 में हुए चुनाव में बाबूलाल तिवारी अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। उनका कार्यकाल 1976 तक रहा था। इसके बाद अगला अध्यक्ष हासिल करने के लिए नगर पालिका को 12 सालों तक इंतजार करना पड़ गया था। शासन की रोक की वजह से 12 साल तक नगर पालिका सुपर सीट रही थी। न सदस्य चुने गए थे और न ही अध्यक्ष। इसके बाद 1989 में चुनाव हुआ था और पं. रमेश कुमार शर्मा अध्यक्ष बने थे। तब नगर पालिका के 35 वार्ड हुआ करते थे। वार्डों से निर्वाचित होने वाले सदस्यों ने अध्यक्ष का चुनाव किया था। उस समय जनता अध्यक्ष नहीं चुनती थी। जनता को पहली बार नगर पालिका अध्यक्ष चुनने का अधिकार 1995 में मिला था और डा. धन्नूलाल गौतम अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।
दो अध्यक्ष विधानसभा तक पहुंचे
झांसी। नगर पालिका के इतिहास के दो अध्यक्ष ही ऐसे रहे जो विधानसभा भी पहुंचे। 1972 में नगर पालिका के अध्यक्ष बने बाबूलाल तिवारी ने 1974 में कांग्र्रेस के टिकट पर झांसी विधानसभा से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1989 में अध्यक्ष बने पं. रमेश कुमार शर्मा 2002 में बसपा के टिकट पर विधानसभा पहुंचे थे। बसपा सरकार में उन्हें पहले राज्य मंत्री और बाद में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।
180 आरओ व एआरओ बनाए
झांसी। नगर निगम समेत जिले के 13 निकायों में होने वाले चुनाव के लिए 60 रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) व 120 सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (एआरओ) बनाए गए हैं। इन्हें प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिसमें नामांकन प्रक्रिया की बारीकियां बताई गईं हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के दस हजार कर्मचारियों को डेटा भी इकट्ठा कर लिया गया है। इनमें से साढ़े तीन हजार की ड्यूटी चुनाव में लगाई जाएगी।