झांसी। बारिश आ गई लेकिन नगर निगम ने अभी तक गड्ढों को भरने की जरूरत नहीं समझी है। सवाल है कि क्या उसे किसी हादसे का इंतजार है? एक बार फिर अधिकारियों ने दावा किया है कि इन गड्ढों को दो दिन के भीतर भर दिया जाएगा।
केबिल के लिए सड़क खोदनी हो या फिर पाइप लाइन के लिए गड्ढा। खुदाई करने वाले चले जाते हैं, मगर पीछे रह जाते हैं जानलेवा गड्ढे। जिन्हें भरना शायद कोई याद नहीं रखता। अधिकारी रात दिन इन रास्तों से होकर गुजरते हैं मगर उन्हें ये गड्ढे दिखाई नहीं देते। अमर उजाला ने ऐसे ही चंद जानलेवा गड्ढों की तस्वीरें प्रकाशित की हैं, जो जरा सी बारिश में पानी के अंदर ऐसे छिप जाते हैं।
मालूम ही नहीं पड़ता रास्ता है या फिर जानलेवा गड्ढा। इनमें ग्वालियर रोड क्रासिंग के पास सड़क किनारे बना लगभग चार फीट गहरा गड्ढा अधिकारियों ने आज तक नहीं देखा। न ही इसे नगर निगम ने भरा। वाहन चालक इससे बचकर निकल तो जाते हैं, मगर पीछे अन्य लोगों के लिए दुर्घटना का सबब बना यह गड्ढा प्रशासन को मुंह चिढ़ाता रहता है।
अशोक होटल तिराहे के पास भी ठीक ऐसा ही एक गहरा गड्ढा है, जिससे बचकर निकलना वाहन चालक अपनी मजबूरी मानते हैं। इसी प्रकार बीकेडी से खंडेराव गेट की ओर जाने वाली सड़क पर भी सेन समाज के मंदिर के सामने एक गहरा गड्ढा बना है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
‘नगर की सड़कों पर बने इन जानलेवा गड्ढों को दो दिन में भर दिया जाएगा। इसके लिए तुरंत आदेश दिया गया है। लापरवाही पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’
रोहन सिंह
अपर नगर आयुक्त
नगर निगम