झांसी। कुंडलपुर से पदविहार करते हुए मुनि श्री प्रणम्य सागर जी का ससंघ नगर में मंगल प्रवेश हुआ। रिसाला चुंगी पर श्रद्धालुओं ने हर्ष एवं उल्लास के साथ पादप्रक्षालन एवं मंगल आरती करते हुए मंगल अगवानी की।
मुनि संघ गांधी रोड स्थित जैन मंदिर पहुंचा। यहां धर्मसभा में मुनि श्री प्रणम्य सागर ने कहा कि अर्हम ध्यान योग अपनी आत्मा के साक्षात्कार का सर्वोत्कृष्ट मार्ग है। अर्हम ध्यान योग श्रमण सिद्धांतों पर आधारित प्राचीन पद्धति है, जिसमें हमारे भीतर शून्य से अनंत की ओर यात्रा प्रारंभ होती है। यह ध्यान योग स्वयं को स्वयं से साक्षात्कार कराती है। पंचायत महामंत्री कमल जैन ने बताया कि 23 जून को प्रात: पांच बजे मुक्ताकाशी मंच पर मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में सर्वजन कल्याण के लिए स्वस्थ तन, प्रसन्न मन, निर्मल चेतन के लिए अर्हम ध्यान योग किया जाएगा। इस दौरान अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जैन, जितेंद्र चौधरी, निलय जैन, शिरोमणि जैन, राजकुमार जैन बाबा, अशोक जैन जैनिथ, मुकेश जैन, वरुण जैन, सुनील जैन आदि मौजूद रहे।