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संपत्ति व जन कार्य विभाग को लिया आड़े हाथ

Sun, 08 Nov 2015 01:27 AM IST
ब्यूराे
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झांसी। शनिवार को हुई नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में मेयर किरन राजू बुकसेलर ने संपत्ति विभाग व जन कार्य विभाग को आड़े हाथ लेते हुए अफसरों को खरी-खरी सुनाईं। उन्होंने संपत्ति विभाग पर नगर निगम की जमीनों से खिलवाड़ करने व जन कार्य विभाग पर विकास कार्यों की पत्रावलियां छिपाने का आरोप लगाया। मेयर की बात का समर्थन उप सभापति व कार्यकारिणी के सदस्य पार्षदों ने भी किया। इस दौरान खूब हंगामा हुआ। नगर आयुक्त व मुख्य अभियंता में भी तीखी बहस हुई।
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बैठक में मेयर ने कहा कि नगर निगम की जमीन के साथ संपत्ति विभाग जमकर खिलवाड़ कर रहा है। वार्ड 45 में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए होने वाले निर्माण कार्य का जिस स्थान पर उनसे भूमि पूजन कराया गया था, वह जमीन किसी दूसरे व्यक्ति की निकली। बाद में संपत्ति विभाग ने उसके पास में निगम की जमीन होना बताया।

बिजौली में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए होने वाले निर्माण कार्य के लिए जो जमीन चिह्नित की गई थी, वह भी दूसरे की निकली। यही हाल वार्ड 23, 10, 15, 45 व एक वार्ड में हुआ। जिस जगह जमीन चिह्नित की गई वह बाद में बदलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इससे नगर निगम की छवि तो खराब होती ही है, साथ ही नागरिकों में अविश्वास भी पैदा होता है।
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इस पर संपत्ति विभाग के प्रतिनिधि केपी सिंह ने बताया कि लेखपाल मुन्नी सिंह परिहार की गलती से यह हालात बने हैं। इस पर पार्षदों ने पूछा कि मुन्नी सिंह को किस आधार पर लेखपाल रखा गया है। उन्होंने बताया कि वह रिटायर्ड अमीन हैं। इस पर पार्षद भड़क गए, उन्होंने आरोप लगाया कि अमीन को लेखपाल कैसे बनाया जा सकता है। नियमों को ताक पर रखकर की गई भर्ती पर कार्रवाई की जाए।

वार्ड दस में हुई एक पैमाइश पर पार्षदों के सवाल का जवाब देते हुए संपत्ति विभाग के प्रतिनिधि ने बताया कि वहां जमीन कुछ नगर निगम की थी और कुछ एक कास्तकार की। पार्षदों ने कास्तकार का नाम बताने को कहा तो वह जवाब नहीं दे सके।
कार्यकारिणी ने संपत्ति विभाग में आवश्यकता से अधिक चेनमैन होने और गलत तरीके से चुने गए लेखपाल को हटाने का प्रस्ताव पास किया। चेनमैन सात की जगह चार कर दिए गए तथा नये लेखपाल की भर्ती होने पर लेखपाल मुन्नीसिंह को हटाने का निर्णय लिया गया।

महापौर ने जनकार्य विभाग पर भी व्यापक गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा भेजे जाने वाले पत्रों का जवाब नहीं दिया जाता है और न ही उस पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कई बार जनकार्य विभाग से पत्रावलियां दिखाने को कहा लेकिन आज तक उन्हें पत्रावलियां नहीं दिखाई र्गइं। कार्यकारिणी बैठक में भी पत्रावलियां लेकर आने का निर्देश दिया गया था, जिसका पालन नहीं किया गया।

महापौर के इस आरोप के बाद नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने जन कार्य विभाग के मुख्य अभियंता आरके वर्मा से पूछा कि महापौर के निर्देशों का पालन क्यों नहीं हो रहा है, लेकिन वह माकूल जवाब नहीं दे सके। इस पर नगर आयुक्त ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अफसरों व कर्मचारियों का दायित्व है कि महापौर के प्रति उत्तरदायी रहें और उनके निर्देशों का पालन करें। उनके इतना कहते ही मुख्य अभियंता आर के वर्मा भड़क गए।

वह कहने लगे कि आप मेरी बेइज्जती कर रहे हैं, ऐसे मैं वह नौकरी नहीं कर पाएंगे। उनके इस जवाब पर नगर आयुक्त का कहना था कि वह नौकरी करना सिखा देंगे। काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर के निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो संबंधित अफसर के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।

रानी की प्रतिमा लगेगी, नगर आयुक्त का बनेगा आवास
कार्यकारिणी की बैठक में विभिन्न निर्माण कार्यों के प्रस्ताव पास हुए। पार्षद उदयभान ने नगर निगम परिसर में झांसी की रानी लक्ष्मी बाई की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव रखा, जिसे बिना बहस के सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। सफाई कर्मचारियों की मांग पर उन्हें नगर निगम भत्ता देने का प्रस्ताव भी पास हुआ।

नगर आयुक्त आवास के लिए प्रस्ताव को पास किया गया। मिनर्वा स्थित गुलाम गौस खां चौराहे पर बने पार्क पर गुलाम गौस खां की मूर्ति लगाने की मांग की गई। पार्षदों ने यहां स्थान की कमी बताते हुए अलीगोल में बन रहे गुलाम गौस खां पार्क में मूर्ति लगाने का प्रस्ताव पास किया। बैठक में नगर निगम द्वारा जारी विकास कार्यों पर चार करोड़ चालीस लाख रुपये का बजट बढ़ाया गया।

खुल कर सामने आई निगम अफसरों की बेलगामी
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक में अफसरों की बेलगामी खुलकर सामने आ गई। जहां मेयर ने अफसरों पर उनके पत्रों का जवाब न देने की बात कही, वहीं नगर आयुक्त ने भी कई अफसरों की ओर इशारा करके कहा कि वह भी उनसे बात नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कई अफसर तो दो-दो माह तक उनसे फोन पर बात नहीं करते, यह स्थिति काफी चिंताजनक है।
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