झांसी। नगर निगम के गृहकर के शीर्ष दस बकायेदारों में शहर में रहने वाले आम लोग नहीं, बल्कि सरकारी विभाग हैं। नगर निगम इन बकायेदारों को नोटिस देने की औपचारिकता करके इतिश्री कर लेता है। स्थिति यह है कि इन विभागों ने आज तक एक रुपये भी गृहकर के तौर पर जमा नहीं किया है।
नगर निगम के बड़े बकायेदारों की सूची में पहला नाम मेडिकल कॉलेज का है। मेडिकल कॉलेज पर 12,44,30,368 रुपये की बकायेदारी है। दूसरे नंबर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय है, जिस पर 10,72,88,465 रुपये बकाया हैं। तीसरे नंबर पर सुकवां ढुकवां बांध कार्यालय है, जिसके भवन पर 39,29,464 रुपये बकाया है।
चौथे नंबर पर आरटीओ कार्यालय है, जिस पर 32,50,852 रुपये बकाया है। पांचवें नंबर पर शिक्षा भवन है, इस पर 10,07,494 रुपये बकाया है। छठवे नंबर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर 5,57,366 रुपये बकाया है। सातवें नंबर पर पीडब्लूडी पर 3,44,402 रुपये बकाया है।
आठवें नंबर पर उप संभागीय कृषि अधिकारी कार्यालय पर 3,36,151 रुपये बकाया है। नौवे नंबर पर डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर कार्यालय है, जिस पर 2,85,884 रुपये बकाया है। दसवे नंबर पर क्षेत्रीय भूमि परीक्षण प्रयोगशाला है, जिस पर 2,63,403 रुपये बकाया है।
नगर निगम इन सभी विभागों के अधिकारियों को हर वर्ष नोटिस भेजता है। नोटिस के साथ बकाया जमा न करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है। लेकिन, सरकारी विभागों से बकाया वसूलने की ना तो कोई ठोस योजना नगर निगम के पास है और ना ही सरकार के पास बकाया जमा न करने वाले विभागों को लेकर कोई स्पष्ट नीति है।