अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव
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झांसी। डिफेंस कॉरिडोर में एमएसएमई तकनीकी सेंटर के रूप में एक बड़ा गलियारा विकसित किया जाएगा। इस सेंटर पर जहां अत्याधुनिक मशीन से तकनीकी प्रस्तुत होगी, वहीं विशेषज्ञों की ओर से छोटे-छोटे उद्यमियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए, 20 एकड़ यहां भूमि सुरक्षित कर ली गई है। इसके विकास के लिए 200 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
एमएसएमई कॉरिडोर के बनने से जहां छोटे कारोबारियों को यहां काम करने का मौका मिलेगा, वहीं सरकार से तमाम सुविधाएं मुहैया होंगी। गरौठा तहसील में डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसका निर्माण एरच कस्बे से सटे छह गांवों की 1034 हेक्टेयर जमीन पर किया जा रहा है। कॉरिडोर में यूनिट की स्थापना के लिए 25 निवेशकों ने करार किया है। उनमें 14 को जमीन भी आवंटित भी कर दी गई है। कंपनियां स्ट्रक्चर खड़ा करने में जुटी हुई हैं। इन्हीं यूनिटों में एक यूनिट तकनीकी सेंटर के रूप में विकसित की जाएगी। एस-2 एरिया में करीब 20 एकड़ भूमि इसके लिए सुरक्षित कराई गई। इस पर 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उपायुक्त उद्योग मनीष चौधरी का कहना है कि डिफेंस कॉरिडोर में आने वाली कंपनियों से बुंदेलखंड की औद्योगिक तस्वीर में बड़ा बदलाव होगा। छोटे उद्यमियों को डिफेंस एमएसएमई के तौर पर नया प्लेटफॉर्म दिया जाएगा।