झांसी। मध्य प्रदेश में जारी सियासी घमासान के बीच सोमवार को कांग्रेस और भाजपा के विधायकों का विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होगा। इसमें कांग्रेस की स्थिति मजबूत रखने की जिम्मेदारी झांसी के दिग्गज कांग्रेसियों को भी सौंपी गई है। इसमें बड़ी जिम्मेदारी सुधांशु त्रिपाठी को सौंपी गई है। चूंकि, मप्र विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण में भी सुधांशु की बड़ी भूमिका रही थी, ऐसे में सुधांशु को अपने खेमे के विधायकों को एकजुट रखने की भी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पूर्व मंत्री प्रदीप जैन को सिंधिया के काट के मोर्चे पर लगाया गया है।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व मध्य प्रदेश के प्रभारी सुधांशु त्रिपाठी पहले ही दिन से सक्रिय बने हुए हैं। पार्टी ने कांग्रेस विधायकों के साथ उन्हें जयपुर भेजा था। सभी विधायकों को अपने साथ लेकर वे लौटे भी। सोमवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट के लिए भी कांग्रेसी विधायकों को लामबंद रखने की जिम्मेदारी भी सुधांशु को दी गई है। सुधांशु को बड़ी जिम्मेदारी देने की एक वजह ये भी है कि बुंदेलखंड समेत मध्य प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के टिकट तय करने में उनकी बड़ी भूमिका रही थी। कई विधायक सुधांशु के खेमे के भी हैं। इन्हें एकजुट रखने का काम भी उन्हें ही सौंपा गया है।
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य भी सक्रिय बने हुए हैं। चूंकि, मनमोहन मंत्रिमंडल में वे सिंधिया के साथ केंद्र में राज्य मंत्री रहे। उनके सिंधिया से बेहतर ताल्लुकात रहे हैं। उन्हें सिंधिया के हर दांव पेच से वाकिफ माना जाता है। ऐसे में उन्हें सिंधिया की काट के मोर्चे पर लगाया गया है। अब ये कांग्रेसी कितने सफल होंगे, ये सोमवार को फ्लोर टेस्ट के पास ही पता चल पाएगा।