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शिवराज दे सकते हैं बुंदेलखंड को चार से पांच मंत्री

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झांसी। मध्यप्रदेश में एक बार फिर भाजपा सत्ता संभाल रही है। सरकार के गठन के साथ ही नई सरकार में बुंदेलखंड की कितनी भागीदारी होगी इस पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पूर्व कांग्रेस सरकार में देखें तो बुंदेलखंड से तीन मंत्री थे, इस बार ऐसा माना जा रहा है चार से पांच मंत्री बुंदेलखंड को मिल सकते हैं। इनमें चार के नाम लगभग तय हैं, जबकि एक पर अभी विचार मंथन चल रहा है। इतना ही नहीं भाजपा इस बार सरकार गठन में उत्तरप्रदेश वाला फार्मूला अपना सकती है, इसके तहत दो उप मुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं, इनमें बुंदेलखंड के दतिया सीट से विधायक नरोत्तम मिश्रा व मालवा क्षेत्र से ज्योतिरादित्य सिंधिया के खासमखास तुलसी सिलावट को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।
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शिवराज को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मंत्रिमंडल को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं। इसमें बुंदेलखंड के दतिया सीट से नरोत्तम मिश्रा, सागर की रहली सीट से गोपाल भार्गव, सागर की ही खुरई सीट से भूपेंद्र सिंह व सागर जिले की ही चुरखी विधानसभा सीट से सिंधिया समर्थक बागी विधायक गोविंद सिंह राजपूत को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इससे पहले की भाजपा सरकार में अल्प संख्यक वर्ग से बुंदेलखंड के दमोह जिले से विधायक रहे जयंत मलैया वित्त मंत्री रह चुके हैं, पर वह इस बार चुनाव हार गए हैं, इसके चलते इस कोटे से सागर के शैलेंद्र जैन व निवाड़ी क्षेत्र के विधायक अनिल जैन के नाम भी चर्चा में हैं। इसके अलावा हरिशंकर खटीक का नाम भी चर्चा में है। अनिल जैन शिवराज के काफी नजदीकी माने जाते हैं, इससे यह कयास लगाया जा रहा है कि शिवराज निवाड़ी जिले को मंत्री के बदले मंत्री दे सकते हैं। पिछली सरकार में निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर विधानसभा से विधायक बृजेंद्र सिंह राठौर कैबिनेट मंत्री थे। इसके अलावा कांग्रेस सरकार में बुंदेलखंड से ही सागर से हर्ष यादव व सागर की चुरखी सीट से गोविंद सिंह मंत्री थे। गोविंद इस सरकार में भी रिपीट होंगे। शिवराज इस बार मुख्यमंत्री बनने पर प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का रिकॉर्ड तोड़ेंगे। अर्जुन सिंह व श्यामाचरण शुक्ल मध्यप्रदेश के तीन-तीन बार सीएम रहे हैं, पर शिवराज की इस बार ताजपोशी होने पर वह ऐसे इकलौते नेता होंगे जो प्रदेश के चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगे।
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