संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन (ललितपुर)। महरौनी के अथाईपुरा में 700 वर्ष पहले से श्री दुर्गा महारानी विराजमान हैं, यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। आसपास के ग्रामीण माता रानी को बड़ी देवीजी के नाम से पुकारते हैं। भक्तों का मानना है कि माता के दर्शन मात्र से कष्टों का हरण हो जाता है।
श्री दुर्गा महारानी मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों के अनुसार यहां भोर होते ही श्रद्धालु माता के दर्शन एवं पूजन-अर्चन के लिए आना शुरू हो जाते हैं और यह सिलसिला देर रात तक चलता रहता है। बताया जाता है कि पहले यहां माताजी चबूतरे पर विराजित थीं। धीरे-धीरे इसी चबूतरे ने मंदिर का रूप ले लिया। नवरात्र में तो यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
नवरात्र के आठवें दिन महागौरी की हुई आराधना
ललितपुर। नवरात्र में देवी के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना श्रद्धालुओं ने की। मंगलवार सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। नई बस्ती स्थित चंडी माता मंदिर में महिलाओं की भीड़ होने पर उन्हें लाइन में लगकर दर्शन करना पड़ा। कुछ महिलाओं ने अष्टमी पर कन्याओं को भोज भी कराया। शहजाद नदी के निकट स्थित ललितेश्वरी माता मंदिर में महिलाओं ने देवी का पूजन अर्चन कर आशीर्वाद लिया। तालाबपुरा स्थित छोटी माता मंदिर में भक्तों की देर शाम तक भीड़ रही। आजादपुरा स्थित शारदा माता मंदिर में भी देवी मां का पूजन अर्चन श्रद्धालुओं ने किया। मंदिरों में आचार्यों ने दुर्गासप्तसती का पाठ कर मां की स्तुति की।