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मनमानी: डेढ़ बजते ही ओपीडी से निकल लिए डॉक्टर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के संबंध में शासन की सख्ती यहां दम तोड़ रही है। जिला अस्पताल पुरुष और महिला में डॉक्टर समय से पहले ही ओपीडी से चले गए। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार को दोनों अस्पतालों में 1.30 बजे जायजा लिया तो यह हकीकत सामने आई। पेश है दोनों अस्पतालों का आंखों देखा हाल
जिला अस्पताल में भूतल पर ऑर्थोसर्जन की चार ओपीडी में महज एक चिकित्सक नजर आए। डॉ. पलाश सिंघई का कक्ष बंद था तो डॉ. मनोज कुमार व डॉ. केके मिश्रा का कक्ष खुला था, लेकिन चिकित्सक नहीं मिले। प्रथम तल पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आकृति यादव के ओपीडी कक्ष के गेट बंद रहे। नेत्र सर्जन की ओपीडी के सामने मरीज चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। बाद में वापस हो गए। यहां कुल छह डॉक्टर नदारद रहे।
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महिला अस्पताल की तीन ओपीडी में एक सूनी रही। डॉ. आशु बजाज के बारे में बताया गया कि वह बृहस्पतिवार, शुक्रवार व शनिवार को ओपीडी करती हैं। द्रोपदी मीणा भी गायब रहीं। दूसरी ओपीडी में डॉ. स्वाती भी गायब थीं। डॉ दिपाली ओपीडी कक्ष में नजर नहीं आईं। ऐसे में महिलाएं चिकित्सक के आने की राह देखती रहीं।

एक बजे के बाद मिलती है जांच रिपोर्ट
यहां मरीजों की जांच रिपोर्ट लगभग एक बजे के बाद मिलती है। कतार में लगकर जांच रिपोर्ट हासिल करने के बाद जब मरीज ओपीडी में आते हैं तो ज्यादातर चिकित्सक गायब मिलते हैं। ऐसे में सलाह लेने के लिए उन्हें अगले दिन आना पड़ता है।
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वार्डों में राउंड का समय निर्धारित
अस्पताल में डॉक्टरों के राउंड का समय निर्धारित है। सुबह आठ बजे ड्यूटी रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने के बाद पहले वार्ड में राउंड पर जाना होता है, इसके बाद ओपीडी में मरीजों को दोपहर दो बजे तक देखना होता है। फिर शाम को वार्डों में मरीजों का हाल लेना होता है। जरूरत पड़ने पर ऑन काल उन्हें वार्ड में बुलाया जा सकता है।
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चिकित्सकों को निर्धारित समय तक ओपीडी में बैठने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बाद भी कुछ चिकित्सकों के बीच में गायब होने की जानकारी हुई है। इस पर निरीक्षण कर दिखवाया जाएगा।-डॉ. मीनाक्षी सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल पुरुष व महिला
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