नगर में जल्द ही सौ बेड की मदर एंड चाइल्ड केयर विंग की स्थापना होगी। नगर निगम इसके लिए जमीन उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही एक डायलिसिस यूनिट भी बनवाई जाएगी। शुक्रवार को जिला पुरुष और महिला अस्पताल में नसबंदी शिविर के उद्घाटन के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी की मांग पर राज्यसभा सांसद ने इसकी घोषणा की।
गौरतलब है कि भारत सरकार के निर्देश पर 11 से 24 जुलाई को जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा घोषित किया गया है। झांसी में एक दिन पूर्व ही इसकी शुरूआत कर दी गई। इस मौके पर शुक्रवार को जिला पुरुष और महिला अस्पताल में नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। राज्य स्तरीय सर्जन डॉ. गोकुल प्रसाद द्वारा 11 पुरुष और डॉ. पुष्पलता वर्मा ने 16 महिलाओं की शिविर में नसबंदी की। शिविर का शुभारंभ राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में संसाधन कम हैं और जनसंख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है। ऐसे में इस तरह के शिविर अहम कड़ी साबित होंगे। वहीं, सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने कहा कि जनसंख्या पखवाड़े के मद्देनजर अब जगह-जगह कैंप लगाकर लोगों को जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके बाद सीएमओ कार्यालय में हुई वार्ता के दौरान उन्होंने राज्यसभा सांसद के समक्ष मदर एंड चाइल्ड केयर विंग और डायलिसिस यूनिट की स्थापना कराने का प्रस्ताव रख दिया, जिस पर सांसद ने हामी भर दी। अब इस प्रस्ताव को जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। नगर निगम विंग के लिए जमीन उपलब्ध कराएगा। सीएमओ ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विंग एक अहम कड़ी साबित होगी। इस दौरान महिला अस्पताल सीएमएस डॉ. वसुधा अग्रवाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएस वर्मा, डिविजनल पीएम आनंद चौबे, डीपीएम ऋषिराज सिंह, डीसीपीएम प्रशांत वर्मा, डीएचईआईओ विजयश्री।
डायलिसिस यूनिट को लेकर पेंच
डायलिसिस यूनिट की स्थापना कहां होगी, इसको लेकर पेंच फंस गया है। सीएमओ ने अपना कार्यालय नवीन बिल्डिंग में शिफ्ट होने के बाद खाली होने वाली जमीन पर इसकी स्थापना कराने की बात कही तो मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा ने यहां स्टोर बनाने की बात रख दी। अब डायलिसिस यूनिट को लेकर पेंच फंस गया है। नगर निगम ने सिर्फ विंग की स्थापना को जमीन उपलब्ध कराने की बात कही है। जिला अस्पताल में अब कोई ऐसी जगह भी खाली नहीं पड़ी है, जहां यूनिट बनाई जा सके। जमीन को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी जल्द ही बैठक कर इसका समाधान निकालेंगे।
डॉक्टरों ने की ट्रांसफर रुकवाने की मांग
हाल ही में जिला अस्पताल के आठ डॉक्टरों का तबादला शासन द्वारा गैर जनपदों मे कर दिया है, हालांकि उनको अभी तक अस्पताल प्रशासन ने रिलीव नहीं किया है। शुक्रवार को राज्यसभा सांसद से कुछ डॉक्टरों ने ट्रांसफर रुकवाने की मांग की। कहा कि ट्रांसफर हुए दूसरे चिकित्सक यहां आने को तैयार नहीं हैं, ऊपर से पहले ही यहां डॉक्टरों की कमी है। इस पर सांसद ने कहा कि शासन स्तर पर बात करने का आश्वासन दिया। वहीं, सीएमएस से भी कहा कि वह डॉक्टरों को रिलीव न करें।