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विकास की राह में गति पकड़े वार्ड 39

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ward 39 jhansi - फोटो : amarujala
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शहर के वार्ड 39 की तस्वीर बदल रही है। पूरे वार्ड में एपेक्स व सीसी सड़कें बिछी हुई हैं, वहीं हैवी मास्क लाइट का प्रकाश भी लोगों को राह दिखा रही हैं। सफाई व्यवस्था बेहतर होने से इलाके के  नालों से जलभराव समस्या प्रभावी नहीं हो सकी है। हालांकि, आवारा जानवरों का आतंक लोगों के लिए समस्या बना है। क्षेत्र में गुलाम गौस खां पार्क व सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण लोगों के लिए संजीवनी साबित हुआ है।
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शहर के  बीचों-बीच बसे इस वार्ड में सलीम बाग, सम्मी का बगीचा, इमलीपुरा, कुमरयाना, भाईजान का मैदान, सुपर कॉलोनी, एवन कॉलोनी, खुमान का बगीचा, केले का बाग, नाले का बाग, सरकारी बाग, फिल्टर रोड, शारदा का बाग, शीतल कॉलोनी आदि इलाके हैं, जिनमें व्यापारी, नौकरी पेशा तथा अधिकतर श्रमिक वर्ग के लोग रहते हैं। इस वार्ड में गुलाम गौस खां का पार्क की जगह खंती बनी हुई थी, जिसमें शहर का कचरा डाला जाता था। जो हमेशा ही इलाके के लोगों के लिए नासूर बनी थी लेकिन पूर्व पार्षद अखलाक मकरानी के प्रयास से इस खंती को हटाकर पार्क का निर्माण कराया गया। वार्ड में विकास के कार्य जारी हैं। इनमें एपेक्स सड़कों बनना, हैवी मास्क लाइटें लगना और सफाई-व्यवस्था दुरुस्त होना के साथ ही नालों का निर्माण होना मुख्य है।

ये हैं उपलब्धियां
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- गुलाम गौस खां पार्क का निर्माण होना।
- इलाके में बच्चों को पढ़ाई के लिए प्राथमिक विद्यालय का निर्माण।
- स्ट्रीट लाइट खंभों पर एलईडी लाइट लगना।
- पठौरिया से थापक बाग व दतिया गेट से इमलीपुरा तक मुख्य नाले का निर्माण।
- वार्ड में लाइटों के लिए खंभों को लगवाना।
- क्षेत्र के लोगों के लिए दो सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण।
- क्षेत्र में अधिकतर लोगों के राशन कार्ड बनवाना।
- वार्ड में नियमित साफ-सफाई होना।
- क्षेत्र में पीने के पानी के लिए 100 हैंडपंप लगना।
- कब्रिस्तानों व श्मशान घाटों में एपेक्स व लाइटें लगना।

ये हैं समस्याएं
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- पानी की पाइप लाइन व पानी की टंकी का निर्माण न होना
- पूरे क्षेत्र की बोरिंगों से पीला व बदबूदार पानी निकलना
- आवारा जानवरों का आतंक
- कुओं की साफ-सफाई न होना
- गुलाम गौस खां पार्क का सौंदर्यीकरण

एक नजर में
आबादी: 30,000 से अधिक
महत्वपूर्ण स्थल: सलीम बाग, थापक बाग, दतिया गेट, अलीगोल खिड़की, नक्टा चोपड़ा, पठोरिया, होमगार्ड ट्रेनिंग सेंटर, गुलाम गौस खां पार्क, पुरानी ईदगाह  
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महत्वपूर्ण व्यक्ति: पंडित हरीओम पाठक, संतराम पेंटर, मोतीलाल कुशवाहा, गौरी शंकर बिदुआ, लियाकत मास्टर, मुफ्ती अफ्फान, हाफिज हसीब, मौलाना ऐजाज, मोनू मकरानी, मुन्ना पंडित, विनोद साहू, ऐजाज मकरानी।

वार्ड में कई जन उपयोगी कार्य कराए हैं। स्ट्रीट लाइटें ठीक कराई गई हैं। नालों के निर्माण के साथ ही सार्वजनिक शौचालयों व प्राथमिक विद्यालय का निर्माण कराया है। क्षेत्र की जनता की समस्या को अपनी समस्या के रूप में लेकर काम करती हूं। पानी की समस्या को दूर करने के लिए पाइपलाइन को पास करा दिया गया है। जल्द ही लोगों को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। सफाई व्यवस्था के लिए डोर टू डोर कचरा व्यवस्था बेहतर बनी है। अपने वार्ड को आदर्श बनाना लक्ष्य है। - अजीदा मकरानी, स्थानीय पार्षद


वार्ड वासियों के लिए बहुत काम कराया गया है। अहम बात ये है कि इलाके में नियमित सफाई होती है। नालियां भी गंदी नहीं रहती हैं। स्वास्थ्य केंद्र खुलने से चिकित्सा सुविधा भी मिलने लगी है। - अखलाक मकरानी, पूर्व पार्षद

इलाके में सफाई व्यवस्था ठीक है मगर पीला व बदबूदार पानी निकलता है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दूरदराज इलाकों में जाना पड़ता है। पानी की पाइपलाइन होना आवश्यक है।- परमानंद कुशवाहा, स्थानीय नागरिक।

क्षेत्र में साफ-सफाई नियमित है, लेकिन आवारा जानवरों से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवारा जानवरों के कारण बच्चों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। - आमिर खान, स्थानीय नागरिक।


पूरे इलाके में एक भी पार्क नहीं होने से लोगों को टहलने व घूमने के लिए अन्य पार्कों में जाना पड़ता था। लेकिन क्षेत्र में गुलाम गौस खां पार्क का निर्माण होना इलाके के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि है। - डॉ. हस्सान अंसारी, स्थानीय नागरिक  

पहले इलाके में खंती होने से पूरे शहर का कचरा डाला जाता था, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती थी। खंती की जगह पार्क का निर्माण होने से लोगों को परेशानी से निजात मिली है। - आशा देवी, स्थानीय नागरिक 
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